कोरोना संकट के बीच तेजी से बढ़ती तेल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। वहीं स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों का जमा पैसा बढ़कर 20 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है। इन मुद्दों पर टीवी न्यूज़ चैनल ‘आज तक’ पर एक डिबेट हो रही थी। इस दौरान जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ता ने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल की महंगाई हमेशा से विपक्ष का मुद्दा रहा है।
जेडीयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा “पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों में हमारे मुख्यमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री ने खुद चिंता व्यक्त की है। ये हर देशवासी की चिंता का विषय है। निश्चित तौर पर विपक्ष के लिए ये हमेशा से ही हथियार रहा है। फिर चाहे हम विपक्ष में रहे हो या अब कांग्रेस। जब भी पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो विपक्ष हाए तौबा मचाता है।”
अजय आलोक ने आगे कहा “लेकिन मैं गौरव वल्लभ जी को याद दिलाना चाहूँगा कि 2008 में एक बहुत फेमस स्टेटमेंट था “पैसे पेड़ों में नहीं उगते” किसका था ये। अभी मोदीनोमिक्स के हिसाब से मनमोहननोमिक्स भी कुछ ऐसा ही था। स्विट्जरलैंड की बैंकों की बात हो रही है कि स्विस में इतना पैसा बढ़ गया आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। आज तक के इतिहास में भारत का फॉरेन रिजर्व 308 करोड़ से बढ़कर 6.8 करोड़ बिलियन हो गया है। ये कैसे हुआ ? इसके बार में बताइये। भारत सरकार के खजाने में जब फॉरेन रिजर्व बढ़ता है तो क्या ये काला धन है?”
इसपर ने कहा “कैसे कैसे लोगों को पार्टी अपना प्रवक्ता बाना देती है। इन्हें इतना ही नहीं पता कि फॉरेन रिजर्व देश में ही होता है इसका स्विस बैंक से कोई लेना देना नहीं है और रही बात कि स्विस बैंक में काला धन है ये किसने बातया। वो तो आपके 2014 के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने ही कहा था।”
बता दें सरकारी ऑयल कंपनियों ने रविवार को भी पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा कर दिया है। पेट्रोल की कीमतों में 29 पैसे और डीजल में 28 पैसे प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिला है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी में पेट्रोल की कीमत 97.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.97 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा देश के कई शहरों में तेल की कीमतें 100 रुपये के ऊपर पहुंच गई हैं।

