प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले का सड़कों पर विरोध शुरू हो गया। सोमवार (14 नवंबर) को कोलकाता में सोसलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्यूनिस्ट) SUCI (C) के लोगों ने सड़कों पर पीएम मोदी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा 500-1000 के नोट के लिए किया गया यह पहला प्रदर्शन था। कार्यकर्ताओं की रैली कॉलेज स्क्वायर से शुरू हुई थी। रैली में शामिल लोगों ने मोदी के फैसले को आम लोगों के खिलाफ बनाई गई पॉलिसी बताया। पार्टी के सचिव सुमैन बसु ने कहा, ‘केंद्र सरकार को नोटबंदी के फैसले से पहले उचित कदम उठाने चाहिए थे। आम लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। मरीजों के परिवार को खुल्ले पैसों के लिए भागते देखना काफी दुख देने वाला होता है। कई लोगों की इस चक्कर में मौत हो गई।’ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पीएम मोदी का पुतला भी जलाया। गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी एनडीए सरकार के फैसला का विरोध जता चुकी हैं। बसु ने कहा कि अगर ममता उनकी पार्टी के लोगों को उनके साथ आने के लिए कहेंगी तो वह जरूर उनका साथ देंगे।
गौरतलब है कि 500-1000 के नोटों के बैन होने के बाद से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि, राहत देने के लिए 14 नवंबर को सरकार द्वारा फैसला लिया गया कि 500 और 1000 के जो पुराने नोट पहले 14 नवंबर की रात तक मान्य थे वह अब 24 नवंबर की रात तक मान्य होंगे। पुराने नोट सरकारी हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप पर मान्य होंगे। इसके अलावा बैंक और एटीएम से बदले और निकाले जाने वाले पैसे की लिमिट भी अब बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्रालय ने रविवार रात को को बताया था, ‘सभी बैंकों को सलाह दी गई है कि एटीएम से एक दिन में 2000 रुपए निकालने की सीमा को 2500 रुपए, सप्ताह में अकाउंट से 20 हजार रुपए निकालने की सीमा को 24 हजार रुपए और नोट बदलने की सीमा को 4000 रुपए से 4500 रुपए किया जाए। इसके साथ ही कहा गया है कि एक दिन में चेक से केवल 10 हजार रुपए निकालने की सीमा को खत्म किया जाए।’
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, सरकार द्वारा कई तरह के भरोसे देने के बावजूद बैंकों और एटीएम के बाहर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान आठ नवंबर को किया था।
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