दिल्ली में अब बिशप चर्चों के धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल होने के लिए 4000 लीटर तक वाइन ले सकेंगे। दिल्ली ने आबकारी नियमों में संशोधन कर चर्चों में धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस्तेमाल होने वाली वाइन की सीमा बढ़ा दी है। इसके साथ ही उद्योगों के लिए वाइन के स्पेशल स्टोरेज की सीमा भी निर्धारित कर दी है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम, 2010 में संशोधन किया है। जिसके तहत राजधानी के चर्चों को धार्मिक समारोहों के लिए अधिक मात्रा में पवित्र वाइन मिल सकेगी। इस संशोधन से औद्योगिक इकाइयों को भी लाभ होगा क्योंकि इसके तहत स्पेशल स्पिरिट के स्टोरेज को भी बढ़ाया जा सकेगा।

दिल्ली उत्पाद शुल्क नियमों जो धार्मिक अनुष्ठान में उपयोग होने वाली वाइन से संबंधित है, के नियम 20 में संशोधन किए गए हैं। इसके तहत दिल्ली के बिशप को उत्पाद शुल्क आयुक्त की स्वीकृति के अधीन, देश में कहीं भी स्थित अधिकृत शराब भट्टियों से एक या एक से अधिक परमिटों के माध्यम से प्रति वर्ष 4000 लीटर तक शुल्क-मुक्त धार्मिक अनुष्ठान में उपयोग होने वाली वाइन खरीदने या आयात करने की अनुमति होगी। इससे पहले, दिल्ली के बिशप को चर्च के उपयोग के लिए 91 लीटर तक धार्मिक अनुष्ठान में उपयोग होने वाली वाइन खरीदने, परिवहन करने और रखने की अनुमति थी।

दिल्ली सरकार ने स्पेशल स्पिरिट के स्टोरेज की सीमा में भी बढ़ोत्तरी की

वित्त विभाग द्वारा सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गयी। वहीं, विभिन्न उद्योगों को बढ़ावा देते हुए, सरकार ने स्पेशल स्पिरिट के स्टोरेज की सीमा में भी बढ़ोत्तरी की है। फॉर्म P-6 के तहत लाइसेंस प्राप्त परिसरों में स्टोर की जा सकने वाली विशेष स्पिरिट की अधिकतम मात्रा 6,744 किलोलीटर से बढ़ाकर 15,000 किलोलीटर कर दी गई है। परमिट धारकों के लिए वार्षिक अधिकृत सीमा भी 64,000 किलोलीटर से बढ़ाकर 120,000 किलोलीटर कर दी गई है।

पढ़ें- देश दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लेटेस्ट अपडेट्स

अधिसूचना में कहा गया है कि उपराज्यपाल दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम, 2010 में आगे संशोधन के बाद इन नियमों को दिल्ली उत्पाद शुल्क (संशोधन) नियम, 2025 कहा जा सकता है। ये संशोधन आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, “दिल्ली के बिशप, धार्मिक अनुष्ठानों के लिए वास्तविक चर्च उपयोग हेतु, उत्पाद शुल्क आयुक्त की स्वीकृति से भारत में कहीं भी किसी अधिकृत डिस्टिलरी से एक या एक से अधिक परमिटों में प्रति वर्ष 4000 लीटर तक शुल्क मुक्त धार्मिक वाइन खरीद/आयात, परिवहन और अपने पास रख सकते हैं।”