High Uric Acid Symptoms/Precautions: यूरिक एसिड आम समस्या बन गई है। बड़ी तादाद में युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं। यूरिक एसिड के लक्षण या इससे बचाव के उपाय जानने से पहले जान लेतें हैं कि आखिर यूरिक एसिड होता क्या है? आसान भाषा में कहें तो यूरिक एसिड हमारे शरीर में प्यूरिन वाले खाने के पाचन से बना प्राकृतिक वेस्ट प्रोडक्ट होता है। और आसान भाषा में समझें तो यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाला एक केमिकल है। यह शरीर में तो बनता ही है, साथ-साथ भोजन के जरिए भी शरीर में प्रवेश करता है। यह एसिड रक्त के माध्यम से किडनियों तक पहुंचता है, किडनी शरीर की जरूरत के हिसाब से इसे संतुलित कर फिल्टर करती है।
यूरिक एसिड कब बन जाती है समस्या?: जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगता है या किडनी फिल्टर नहीं कर पाती तो खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। जो हड्डियों के बीच में जमा हो कर दर्द पैदा करता है। इससे शरीर में और भी कई तरह ती समस्याएं जन्म लें लेती हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो असल में यूरिक एसिड का बढ़ना लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित रोग है। यह जेनेटिक्स भी हो सकता है। गलत डाइट या खान-पान, रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल जैसे कई फूड्स हैं जो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा देते हैं।
इसके अलावा अधिक समय तक खाली पेट रहना, मोटापा और स्ट्रेस भी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का कारण हो सकते हैं। पुरुषों में 25 से 40 वर्ष के दौरान यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। वहीं स्त्रियों में अमूमन यह समस्या 50 वर्ष की उम्र के बाद देखने को मिलती है।
ये हैं यूरिक एसिड के लक्षण:
– जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में सिकुड़न, मसल्स की थकान
– उठने-बैठने में परेशानी
– उंगलियों में सूजन या चुभन
– जोड़ों में गांठ
– हाथ-पैरों में असहनीय दर्द
– थकान महसूस करना
इस तरह कर सकते हैं कंट्रोल:
– अधिक मात्रा में पानी पीने की कोशिश करें, इससे रक्त में मौजूद अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरिन के जरिये शरीर से बाहर निकल जाता है
– दर्द वाले स्थान पर कपड़े में लपेटकर बर्फ की सिंकाई फायदेमंद साबित होती है। अच्छी नींद लेना भी जरूरी है
– नियमित एक्सराइज करें, क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त प्रोटीन जमा नहीं होने पाता है
– इस मौसम में गाजर और चुकंदर का जूस डाइट में में शामिल करें
– भरपूर पानी और नींबू पानी का सेवन करें
– सेब का सिरका भी यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मददगार है
– जैतून का तेल भी मददगार साबित हो सकता है। इसमें विटमिन-E काफी मात्रा में पाया जाता है
