UPSC क्लियर करने का सपना हर पढ़े-लिखे युवा का होता है। कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी कामयाबी हासिल नहीं हो पाती है और इससे कई लोग निराश भी हो जाते हैं। आज हम आपको प्रत्युष पांडे की कहानी बताएंगे, जिन्होंने IIT और IIM जैसे संस्थानों से पढ़ाई की थी। प्रत्युष बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थे। यही वजह थी कि उन्होंने 12वीं के बाद इंजीनियरिंग करने का फैसला किया था।

नई दिल्ली के रहने वाले प्रत्युष ने UPSC-2019 में 21 रैंक प्राप्त की थी। प्रत्युष कहते हैं कि आपको अच्छी किताबों का चयन करना चाहिए। क्योंकि हर साल बहुत सारी बुक्स आती हैं। इसलिए आपको बुक लिस्ट बनाने पर काम करना चाहिए। कई बार कैंडिडेट्स दूसरों की बुक लिस्ट कॉपी करने लग जाते हैं। हर साल नए कैंडिडेट्स आते हैं तो उनका अनुभव भी नया ही होता है। इसलिए आपको थोड़ी तो मेहनत करनी ही होगी। हमेशा बुक लिस्ट खुद तैयार करनी चाहिए। बुक लिस्ट हमेशा योग्यता के अनुसार ही तय की जाती है।

ऑप्शनल कौन सा चुनना चाहिए: प्रत्युष बताते हैं, ‘कई बार ऑप्शनल पर भी कंफ्यूजन होती है। लोग समझ नहीं पाते हैं कि ऑप्शनल कौन-सा चुनना है तो इसके लिए आपको पहले की हुई पढ़ाई को भी देखना होगा। क्योंकि ऐसा कोई भी सब्जेक्ट नहीं चुनें जिसके बारे में आपने कभी पहले पढ़ा ही नहीं है। आपको इंटरेस्ट के हिसाब से भी इसे देखना चाहिए। क्योंकि अगर आपकी रुचि नहीं होगी तो आपके लिए पढ़ना कफी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए कोशिश करें कि उन्हीं सब्जेक्ट को चुनें जिन्हें आपको पढ़ने में अच्छा लगता हो और आसानी से चीजें याद भी हो जाती हों।’

नोट्स बनाना भी है जरूरी: UPSC के लिए कैंडिडेट्स को कई बार सिलेबस कवर करने में भी परेशानी होती है। ऐसे सभी कैंडिडेट्स को प्रत्युष सलाह देते हैं, ‘कई बार नोट्स बनाने में भी लोगों को परेशानी होती है। ये बनाते हुए आपको ये ध्यान रखना होगा कि इन्हें आपको बाद में रिवाइस भी करना होगा। इसलिए कोशिश ये करनी चाहिए कि नोट्स को ध्यान भी रखें कि कहां पर क्या लिखा है। इसलिए कभी भी दूसरे के नोट्स नहीं लेने चाहिए।’