UPSC: लगातार चार बार परीक्षा में असफल होने वाली ममता ने नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में किया टॉप

UPSC: स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद ममता ने केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन किया और फिर जीएलएस यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की है।

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ममता ने साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा के अपने पांचवें प्रयास में 45वीं रैंक के साथ सफलता प्राप्त की थी।

UPSC: ममता पोपट गुजरात की रहने वाली हैं। उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन किया और फिर जीएलएस यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की है। एमबीए की पढ़ाई पूरी होने के बाद ही उन्होंने जीआईडीसी में नौकरी शुरू कर दी थी। ममता के बॉस एक आईएएस अधिकारी थे और नौकरी के दौरान ही उन्होंने ममता को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी थी। ममता ने इस सलाह पर अमल किया और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने नौकरी के दौरान ही पहला प्रयास दिया लेकिन वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास करने में असफल रही थी। इस असफलता के बाद उन्हें एहसास हुआ कि नौकरी के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर पाना बेहद मुश्किल है। आखिरकार ममता ने नौकरी छोड़ दी और फिर केवल पढ़ाई पर फोकस करने लगीं।

दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद ममता ने जब यूपीएससी परीक्षा का दूसरा अटेम्प्ट दिया तो इस बार मेन्स परीक्षा भी पास कर ली लेकिन फिर इंटरव्यू में मात खा गईं। दो बार मिली असफलता के बावजूद भी वह निराश नहीं हुईं और फिर से उसी जज़्बे के साथ तैयारी शुरू कर दी। हालांकि, अगले अटेम्प्ट में भी ममता अपने मुकाम तक पहुंचने में चूक गईं। वह सिविल सेवा परीक्षा के पहले दो चरण तो पास कर गईं लेकिन इस बार भी इंटरव्यू में आकर बात बिगड़ गई। इस बार की असफलता से ममता को काफी निराशा हुई थी लेकिन फिर भी वह पढ़ाई करती रहीं। अभी ममता को और भी कठिनाइयों का सामना करना बाकी था। उन्हें सबसे बड़ा झटका तो तब लगा जब चौथे प्रयास में इंटरव्यू में जाकर भी उनका नाम वेटिंग लिस्ट में अटक गया था।

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केवल कुछ कमियों के चलते लगातार चार बार मिलने वाली असफलता से ममता पूरी तरह टूट चुकी थीं। सही स्ट्रेटजी और कड़ी मेहनत के बावजूद भी वह अपना सपना नहीं पूरा कर पा रही थीं। इस बार ममता ने यूपीएससी परीक्षा न देने का फैसला कर लिया था। ऐसे में उनके पति ने उनका भरपूर सहयोग किया और दोबारा प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। आखिरकार, ममता ने साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा के अपने पांचवें प्रयास में 45वीं रैंक के साथ सफलता प्राप्त कर ही ली।

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ममता का मानना है कि इस कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए सब कुछ भूल कर दिन-रात पढ़ाई करनी पड़ती है। साथ ही रिवीजन और नियमित रूप से अभ्यास करना बेहद आवश्यक है। इसके अलावा सकारात्मक रवैया और धैर्य रखना भी ज़रूरी है।

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