रीढ़ की हड्डी में दर्द पहले अधिक उम्र में होता था, लेकिन अब यह समस्या काफी आम हो गई है और कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। दरअसल, भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत लाइफस्टाइल, लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण रीढ़ की हड्डी में दर्द होने लगता है।
रीढ़ की हड्डी में दर्द होने से उठने-बैठने में परेशानी तो होती ही है, साथ ही इसका असर डेली लाइफ पर भी पड़ता है। ऐसे में अगर आप भी रीढ़ की हड्डी के दर्द से परेशान हैं, तो योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा बताए गए कुछ योगासन फॉलो कर सकते हैं। यहां हम आपके लिए बाबा रामदेव के बताए 5 योगासन के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं।
ताड़ासन
रीढ़ की हड्डी के लिए आप ताड़ासन भी कर सकते हैं। दरअसल, ताड़ासन रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने और शरीर का पोस्चर सुधारने में मदद करता है। इस एक्सरसाइज को करने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे जकड़न कम होती है। हर रोज ताड़ासन करने से पीठ और कमर के दर्द में आराम मिलता है।
कटि चक्रासन
कमर और रीढ़ की हड्डी के लिए कटि चक्रासन काफी लाभकारी होता है। बाबा रामदेव के मुताबिक, इस आसन को करने से स्पाइनल की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और कमर के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं, तो यह आसन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
उष्ट्रासन
बाबा रामदेव के मुताबिक, उष्ट्रासन रीढ़ की हड्डी को पीछे की ओर मोड़कर उसकी लचीलापन बढ़ाता है। यह आसन पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है और स्पाइनल डिस्क पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करता है।
भुजंगासन
भुजंगासन को स्पाइन के लिए सबसे प्रभावी योगासनों में से एक माना जाता है। बाबा रामदेव के मुताबिक, यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और कमर दर्द में राहत दिलाने में मदद करता है।
मरकट आसन
मरकट आसन रीढ़ की हड्डी की जकड़न को दूर करने और उसकी गतिशीलता बढ़ाने में मदद करता है। इस आसन से स्पाइन के दोनों ओर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और दर्द में आराम मिलता है।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए एक्सपर्ट से जरूर परामर्श करें।
