Shaheed Diwas 23 March 2021: हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है, इस दिन भारत की तीनों असाधारण वीर सपूतों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदानों को याद किया जाता है। साथ ही, पूरा देश आजादी के इन तीनों नायकों को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है। बता दें कि भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर ने ब्रिटिश जूनियर पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स को सन् 1928 में लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। 90 साल पहले 23 मार्च 1931 की रात को लाहौर षड्यंत्र रचने के आरोप में अंग्रेजी हुकूमत ने तीनों वीरों को फांसी पर लटका दिया था।
28 सितंबर, 1907 को अविभाजित भारत में लायलपुर जिले के बंगा में भगत सिंह का जन्म हुआ था। 12 साल की उम्र में जलियांवाला बाग कांड का उनके मन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ा था। अपनी जिंदगी के बारे में परवाह किये बगैर भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी दोस्तों ने देश के लिए जो बलिदान दिया है वो अविस्मरणीय है। उनकी बहादुरी को आज भी देशवासी बेहद गर्व से याद करते हैं। भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों को वर्तमान समय में भी हर उम्र के लोग पढ़ना पसंद करते हैं।
ऐसे में आइए जानते हैं भगत सिंह के कुछ क्रांतिकारी विचाारों को जिन्हें पढ़कर लोग देशभक्ति की भावना से लबरेज हो जाते हैं और उनमें नए जोश का संचार होता है –
1. प्रेमी पागल और कवि
एक ही चीज से बने होते हैं
और देशभक्तों को अक्सर
लोग पागल कहते हैं।
2. जो भी विकास के लिए खड़ा है
उसे हर रूढ़िवादी चीज की
आलोचना करनी होगी,
उसमें अविश्वास करना होगा और
उसे चुनौती देनी होगी।
3. क्या तुम्हें पता है कि
दुनिया में सबसे बड़ा पाप
गरीब होना है?
गरीबी एक अभिषाप है,
यह एक सज़ा है।
4. राख का हर एक कण
मेरी गर्मी से गतिमान है,
मैं एक ऐसा पागल हूं
जो जेल में आजाद है।
5. वे मुझे मार कर सकते हैं,
मेरे विचारों को नहीं।
वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं
लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।
6. किसी को क्रांति शब्द की
व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए।
जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं,
उनके फायदे के हिसाब से
इसे अलग अर्थ दिए जाते हैं।
