Sarvepalli Radhakrishnan Quotes: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दक्षिण भारत के तिरूतनी नाम के एक गांव में 5 सितंबर 1888 में हुआ था। बचपन से ही वे मेधावी थे। उनके पिता का नाम सर्वपल्ली वी. रामास्वामी और माता का नाम श्रीमती सीता झा था। डॉ. राधाकृष्णन जीवनभर अपने आपको शिक्षक मानते रहे और इस वजह से उन्होंने अपना जन्मदिवस शिक्षकों के लिए समर्पित किया। यही वजह है कि 5 सितंबर को सारे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1952 में उन्हें देश का पहला उपराष्ट्रपति भी बनाया गया। सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का निधन 17 अप्रैल 1975 में हुआ। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन की डेथ एनिवर्सरी के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आप उनके कोट्स और मैसेज को अपनों से शेयर करें और उनके योगदान के बारे में लोगों को बताएं।

1. “किताब पढ़ना हमें चिंतन और सच्चे आनंद की आदत देता है।”
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन अमर रहें

2. “एक साहित्यिक प्रतिभा, कहा जाता है कि हर एक की तरह दिखती है, लेकिन उस जैसा कोई नहीं दिखता।”
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

3. “पुस्तकें वो साधन हैं जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण कर सकते हैं।”
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

4. “कला मानवीय आत्मा की गहरी परतों को उजागर करती है। कला तभी संभव है जब स्वर्ग धरती को छुए।”
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

5. “लोकतंत्र सिर्फ विशेष लोगों के लिए नहीं बल्कि हर एक मनुष्य की आध्यात्मिक संभावनाओं में एक यकीन है।”
– सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

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Highlights

    11:39 (IST)17 Apr 2020
    सर्वपल्ली राधाकृष्णन अमर रहें.....

    कहते हैं कि धर्म के बिना इंसान लगाम के बिना घोड़े की तरह है।

    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    11:03 (IST)17 Apr 2020
    सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    एक साहित्यिक प्रतिभा , कहा जाता है कि हर एक की तरह दिखती है, लेकिन उस जैसा कोई नहीं दिखता।

    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    10:29 (IST)17 Apr 2020
    सर्वपल्ली राधाकृष्णन इस कोट्स को अपनों से करें शेयर

    उम्र या युवावस्था का काल-क्रम से लेना-देना नहीं है. हम उतने ही नौजवान या बूढें हैं जितना हम महसूस करते हैं. हम अपने बारे में क्या सोचते हैं यही मायने रखता है

    10:07 (IST)17 Apr 2020
    डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अनमोल विचार अपनों से करें शेयर

    केवल निर्मल मन वाला व्यक्ति ही जीवन के आध्यात्मिक अर्थ को समझ सकता है. स्वयं के साथ ईमानदारी आध्यात्मिक अखंडता की अनिवार्यता है.

    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    09:25 (IST)17 Apr 2020
    डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के अनमोल विचार

    भगवान की पूजा नहीं होती बल्कि उन लोगों की पूजा होती है जो उनके  के नाम पर बोलने का दावा करते हैं.पाप पवित्रता का उल्लंघन नहीं ऐसे लोगों की आज्ञा  का उल्लंघन बन जाता है।

    08:41 (IST)17 Apr 2020
    अनुशाशन और स्वतंत्रता का उद्गम हो

    हमें मानवता को उन नैतिक जड़ों तक वापस ले जाना चाहिए जहाँ से अनुशाशन और स्वतंत्रता दोनों का उद्गम हो।
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    08:20 (IST)17 Apr 2020
    मनुष्य का यकीन

    लोकतंत्र सिर्फ विशेष लोगों के नहीं बल्कि हर एक मनुष्य की आध्यात्मिक संभावनाओं में एक यकीन है।
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    08:07 (IST)17 Apr 2020
    कला तभी संभव है जब स्वर्ग धरती को छुए

    कला मानवीय आत्मा की गहरी परतों को उजागर करती है। कला तभी संभव है जब स्वर्ग धरती को छुए।
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    07:38 (IST)17 Apr 2020
    कर सकते हैं पुल का निर्माण

    पुस्तकें वो साधन हैं जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण कर सकते हैं।
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    07:00 (IST)17 Apr 2020
    अप्रभावी हो जायेंगे सारे संगठन...

    दुनिया के सारे संगठन अप्रभावी हो जायेंगे यदि यह सत्य कि प्रेम द्वेष से शक्तिशाली होता है उन्हें प्रेरित नही करता।
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    06:40 (IST)17 Apr 2020
    नहीं दिखता उसके समान कोई...

    "ऐसा बोला जाता है कि एक साहित्यिक प्रतिभा, सबको समान दिखती है पर उसके समान कोई नहीं दिखता है।"
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन

    06:26 (IST)17 Apr 2020
    एक मुक्त रचनात्मक हो शिक्षक

    . "शिक्षा का परिणाम एक मुक्त रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध लड़ सके।"
    - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को शत-शत नमन