चैत्र नवरात्र रविवार से प्रारंभ हो चुका है। आदिशक्ति को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ के साथ 9 दिनों तक श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। व्रत में खान-पान में संयम बरतने और अनाज आदि का सेवन न करने का विधान होता है। महिलाओं में खासतौर पर लोकप्रिय नवरात्र का व्रत गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिए कितना सही है आज हम इसी बारे में आपको बताने वाले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को 9 दिनों के व्रत की सलाह तो नहीं दी जा सकती है लेकिन अगल वह रखना चाहती हैं तो उन्हें कई तरह की सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भावस्था में केवल फलों और कुछ खास पेय पदार्थों के भरोसे नहीं रहा जा सकता है। ऐसा सिर्फ मां की सेहत के लिए नहीं बल्कि बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी सही नहीं होता। गर्भावस्था में महिला के शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। ऐसे में अगर आप प्रेग्नेंसी में भी व्रत रखना चाहती हैं तो इसके लिए आपको इन टिप्स को फॉलो करना चाहिए।
1. अपने शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखने की कोशिश कीजिए। इसके लिए पानी के साथ-साथ ताजे फलों के जूस का सहारा लिया जा सकता है। इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते हैं। नारियल पानी, बटरमिल्क, मिल्क शेक या दूध आदि विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
2. किसी भी अवस्था में खाने की चीजों से पूरी तरह से नाता मत तोड़ लीजिए। अपनी डाइट में ताजे फलों, किण्वित सब्जियों, दही या रायता को शामिल करें।
3. केवल पेट भरने के लिए कुछ भी न खा लीजिए। कोशिश कीजिए कि पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करें। थोड़ा-थोड़ा खाइए लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ न कुछ खाते रहिए।
4. खीरा तमाम आवश्यक खनिजों और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके अलावा शकरकंद भी आयरन, बीटा कैरोटिन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। इन चीजों का सेवन प्रेग्नेंसी में व्रत के दौरान करना स्वास्थ्यप्रद होता है।
5. किसी भी हालत में नमक का सेवन बंद मत कीजिए। व्रत में सेंधा नमक का सेवन किया जाता है। आप उसे खा सकती हैं। नमक न खाने की वजह से थकान और कमजोरी की दिक्कत आ सकती है।
6. किसी भी तरह के थकान या कमजोरी के लक्षणों को इग्नोर मत कीजिए। ध्यान रखें, आपकी और आपके बच्चे की सेहत आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

