Pongal festival 2026: दक्षिण भारत का प्रमुख त्याहोर पोंगल इस साल 14 से 17 जनवरी (pongal kab hai 2026) तक मनाया जाएगा। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस त्योहार पर अलग ही रोनक देखने को मिलती है। यह फसल की कटाई को समर्पित होता है। पोंगल के चारों दिन अलग-अलग रीति-रिवाजों से इस त्योहार को मनाया जाता है। किसान भगवान इंद्र की पूजा करते हैं और उनसे अच्छी वर्षा, फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। इसके पहले दिन भोगी पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग अपनी पुरानी वस्तुएं त्याग कर नए युग की शुरुआत करते हैं।

इस दिन घरों की सफाई की जाती है। घर को गेंदे के फूलो की मालाओं और आम के पत्तों से सजाया जाता है। इतना ही नहीं घरों के सामने रंगों और कद्दू के फूलों से पारंपरिक रंगोली बनाई जाती है, जिसे “कोलम” कहते हैं। रंगोली को सजाने के लिए ताजा गोबर यानी “गोब्बेम्मा” भी डाला जाता है और उसके ऊपर मिट्टी के दीये जलाए जाते हैं। लोगों की मान्यता होती है कि ऐसा करने से घरों के आसपास की सभी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है और वातावरण सकारात्मक हो जाता है। यहां हम आपके लिए कुछ पोंगल कोलम रंगोली डिजाइन्स के आइडिया लाएं हैं।

पोंगल रंगोली डिजाइन-1

फसल, गाय, मटकी और दीपक के साथ आप ऐसी सुंदर रंगोली अपने घर के आंगन में बना सकते हैं।

पोंगल रंगोली डिजाइन-2

पोंगल के लिए इस तरह रंगोली बनाकर आप उसके अंदर पोंगल की शुभकामनाएं देने के लिए संदेश भी लिख सकते हैं।

पोंगल रंगोली डिजाइन-3

बड़ी रंगोली बनाना चाहते हैं तो यह डिजाइन परफेक्ट रहेगी। इसमें कलरफुल रंगों का उपयोग किया गया है।

पोंगल रंगोली डिजाइन-4

घर की चौखट पर आप इस तरह की मनमोहक रंगोली पोंगल पर बना सकते हैं। इसमें गो माता को भी रंगोली का हिस्सा बनाया है।

पोंगल रंगोली डिजाइन-5

खेत में काम करते किसान और गाय के साथ हल को रंगोली में दर्शाया गया है। पोंगल के लिए यह डिजाइन भी परफेक्ट रहेगी।