शहरों की आरामदायक जिंदगी को छोड़कर कई लोग पहाड़ों पर सुकून और प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताना पसंद करते हैं। पहाड़ों में समय धीमी रफ्तार से चलने लगता है और आसपास की सुंदरता मन को शांति पहुंचाती है। यही वजह है यहां पर लोग अपनी ज्यादातर छुट्टियां पहाड़ों में आकर बिताते हैं। कुछ लोग यहां कैंपिंग और ट्रेकिंग करने भी आते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग करना पसंद है, तो हिमाचल प्रदेश के पिन भाभा ट्रेक को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यहां के चुनौतीपूर्ण रास्ते और अद्भुत नजारे अलग ही अनुभव कराते हैं।
पिन भाभा ट्रेक हिमाचल प्रदेश का रोमांचक और खूबसूरत ट्रेक है। जिसकी दूरी लगभग 50 से 51 किलोमीटर है। बेसकैंप कफनू से ट्रेकिंग शुरू करते हुए 7 से 9 दिनों का समय लग सकता है। यहां जाने के लिए अच्छी फिटनेस और पूर्व ट्रेकिंग अनुभव का होना जरूरी है। इसकी शुरुआत हिमाचल के किन्नौर से होती है। अगर आपको एडवेंचर एक्टिविटी करना पसंद है, तो इस ट्रेक को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
ट्रेकिंग के दौरान प्रमुख आकर्षण
पिन भाभा ट्रेकिंग के दौरान आपको प्रकृति की सुंदरता का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। ट्रेकिंग की शुरुआत में घने चीड़ और ओक के जंगल, घास के मैदान और वॉटरफॉल, पहाड़ी धाराएं देखने को मिलेंगी। ट्रेकिंग के शुरुआती कुछ दिन बहुत ही खूबसूरत होते हैं और आप लगातार भाभा नदी के किनारे चलते हैं। कफनू से ट्रेक करते हुए आप मुलिंग कैंपसाइट पहुंचेंगे। यहां आपको देवदार, ओक और नीले चीड़ के घने जंगल दिखेंगे। यह बिन भाभा पास ट्रेक का पहला और सबसे अहम पड़ाव माना जाता है।
मुलिंग से ट्रेकिंग करके आगे कारा कैंपसाइट मिलेगा जो काफी खूबसूरत है। यहां स्टारगेजिंग, कैंपिंग और प्राकृतिक फोटोग्राफी का अनुभव ले सकते हैं। इसके बाद लगभग 6 किमी की दूरी पर फुट्सिरांग कैंपसाइट है। यहां ग्लेशियरों के अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। इसके बाद ट्रेकिंग करते हुए पिन भाभा पास पहुंचेंगे। यहां आपको पारंपरिक तिब्बती शैली के घर, तिब्बती बौद्ध संस्कृति और ऊंचे पहाड़ों का शानदार नजारा देखने को मिलेगा।
पिन भाभा ट्रेक पर जाने का सही समय
इस खूबसूरत जगह पर ट्रेकिंग करने के लिए जुलाई, अगस्त और सितंबर का महीना अच्छा माना जाता है। यहां हरे-भरे घास के मैदान, नदियां, खिलते हुए फूल, सुहावना तापमान और साफ आसमान देखने को मिलेगा। सर्दियों के बाद बर्फ पिघलने के बाद आसपास के नजारे और भी आकर्षक नजर आते हैं। सितंबर में दिन के समय यहां औसतन तापमान 15 से 18 डिग्री रहता है, वहीं रात के समय तापमान 5 से माइनस 1 डिग्री तक पहुंच सकता है। यह ट्रेक चुनौतियों से भरा हुआ है। यहां शिखर तक की चढ़ाई खड़ी है, जिसकी वजह से ढीली चट्टानों, पत्थरों और बर्फ पर चलना पड़ सकता है। इस ट्रेक में कई हिमनदों से निकलने वाली नदियों को भी पार करना पड़ता है।
यहां से नजदीकी एयरपोर्ट शिमला से करीब 22 किमी दूर जुब्बरहट्टी हवाई अड्डा है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कालका है। ट्रेकिंग कफनू से शुरू होती है और पिन भाभा दर्रे पर खत्म होती है। यहां पहुंचकर आप आसपास के गांव को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। ट्रेकिंग पूरी करने में आपको 8 दिन लग सकते हैं। यहां जाने के लिए आपका फिट होना जरूरी है।
