पिछले छह सालों में भारत में धोखाधड़ी और जालसाजी से 52,976 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 2025 में अकेले 19,812 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान निवेश योजनाओं के नाम पर हुआ। महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा, जिसके बाद कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान रहा।