भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से नाराज पहलवान पिंकी मंगलवार को विश्व चैम्पियनशिप के लिए दोबारा आयोजित किये गये ट्रायल में नहीं पहुंची जिससे 53 किग्रा भार वर्ग में रितु फोगाट को देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। पिंकी ने एशियाई खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन किया था लेकिन उन्होंने जकार्ता (एशियाई खेलों के लिए) जाने से पहले यासर डोगु अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उन्होंने इससे पहले लखनऊ में हुए ट्रायल्स के जरिये 53 किग्रा में अपना स्थान पक्का किया था। डब्ल्यूएफआई ने हालांकि रितु को इस भार वर्ग में मौका देना का फैसला किया जो 50 किग्रा भार वर्ग में खेलती थी। विदेश से उड़ान (विमान) में देरी के कारण वह एशियाई खेलों के ट्रायल्स में भाग नहीं ले सकी थी। पिंकी के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘‘ पिंकी ने कहा कि उसे किसी ट्रायल्स में भाग लेने की जरूरत नहीं क्योंकि उसने लखनऊ में हुए ट्रायल्स के जरिये पहले ही अपना स्थान पक्का कर दिया था। 53 किलो भारवर्ग में अचानक रितु कहां से आ गयी? इसलिए उसने ट्रायल्स में हिस्सा लेने से मना कर दिया।’’ इस मामले पर जब डब्ल्यूएफआई के सहायक महासचिव विनोद तोमर से संपर्क किया गया तो उन्होंने पीटीआई से कहा कि उन्होंने देशहित में फिर से ट्रायल्स आयोजित करने का फैसला किया।
तोमर ने कहा, ‘‘यह किसी विशेष पहलवान का पक्ष लेने के लिए नहीं किया गया है। हमें विश्व चैंपियनशिप में देश की सबसे अच्छी खिलाड़ी को भेजना है। तुर्की से उड़ान की देरी के चलते रितु एशियाई खेलों के ट्रायल्स में भाग नहीं ले पायी थी। एशियाई खेलों में उसके (रितु) पदक जीतने का अच्छा मौका था। जकार्ता में पिंकी का प्रदर्शन उत्साहजनक नहीं था।’’ एशियाई खेलों में पिंकी प्री-क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की सुमिया एरदेनेचिमेग से हार गयीं। पिंकी एक भी अंक हासिल नहीं कर पायीं और उनकी प्रतिद्वंद्वी ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर बाउट अपने नाम कर ली।
तोमर ने कहा, ‘‘ हम रितु को विश्व चैम्पियनशिप में सीधे प्रवेश नहीं दे रहे है। हमने उससे 53 किग्रा भारवर्ग में ट्रायल के बारे में पूछा जिसके लिए उसने हामी भर दी। हमने पिंकी को ट्रायल के बारे में बताया लेकिन उसने आज सुबह इसमें भाग लेने से मना कर दिया। ’’ महिला टीम के राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक ने पीटीआई को बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि पिंकी की कम वजन श्रेणी से आने वाली पहलवान के खिलाफ अपनी ताकत साबित करेगी। मलिक ने लखनऊ से कहा, ‘‘अगर वह कम वजन श्रेणी से आने वाली पहलवान के खिलाफ मुकाबला नहीं कर सकती तो वह दुनिया के बेहतर पहलवानों के साथ प्रतिस्पर्धा कैसे करेगी।” साक्षी मलिक को ट्रायल्स में हिस्सा लिये बिना विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप का टिकट मिल गया क्योंकि 62 किग्रा में उनकी प्रतिद्वंद्वी सरिता मोर ने चोटिल होने के कारण नाम वापस ले लिया था। गीता फोगाट 59 किग्रा भारवर्ग में अपनी चेटिल बहन संगीता की जगह लेंगी। विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप का आयोजन हंगरी के बुडापेस्ट में 20 से 28 अक्तूबर तक होगा।

