इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बांग्लादेश के पेसर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश देने से पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सदस्यों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। लीग की गवर्निंग काउंसिल से भी सलाह नहीं ली गई। इंडियन एक्सप्रेस को पता चला है कि यह फैसला बोर्ड में सबसे शीर्ष स्तर पर लिया गया। इसके बाद ही बांग्लादेश ने अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत जाने से मना कर दिया।
IPL से जुड़े बीसीसीआई के पदाधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमें खुद इसके बारे में मीडिया से पता चला। कोई बातचीत नहीं हुई। हमारी तरफ से कोई सुझाव नहीं लिया गया।” बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने द इंडियन एक्सप्रेस के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि बोर्ड मीटिंग बुलाई गई थी या नहीं? मुस्तफिजुर को लेकर इस कदम के बारे में आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को जानकारी दी गई थी या नहीं?
सैकिया ने बताया था बोर्ड का रुख
सैकिया ने शनिवार (3 दिसंबर) को इस मुद्दे पर बोर्ड का रुख बताते हुए कहा था, “हाल ही में जो घटनाएं हो रही हैं उन्हें देखते हुए बीसीसीआई ने केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दें।” बांग्लादेश के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (5 जनवरी) को अपने देश में आईपीएल मैचों के टेलीकास्ट पर बैन लगा दिया। उसने कहा कि मुस्तफिजुर को रिलीज करने के कदम से बांग्लादेश के नागरिकों को दुख हुआ है और वे नाराज हैं।
राजनीतिक संकट क्रिकेट के मैदान तक पहुंचा
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच चल रहा राजनीतिक संकट क्रिकेट के मैदान तक पहुंच गया है। इससे पहले बांग्लादेश महिला टीम का भारत दौरा अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया और अगस्त में भारतीय पुरुष टीम के बांग्लादेश दौरे पर भी संदेह है।
द्विपक्षीय तनाव क्यों बढ़ा
ईशनिंदा के आरोपों के बाद बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने और जला देने की घटना के बाद पिछले कुछ हफ्तों में द्विपक्षीय तनाव बढ़ गया है। पिछले महीने भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी निंदा की थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने इस लिंचिग की निंदा करते हुए कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उनकी सरकार ने कहा था, “इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
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शाहरुख खान पर निशाना साधा गया
इसके बाद केकेआर के आईपीएल 2026 के लिए मुस्तफिजुर को चुनने के फैसले के कारण फ्रेंचाइजी के मालिक बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान पर निशाना साधा गया। निशाना साधने वालों में आध्यात्मिक गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी थे, जिन्होंने एक्टर को “राष्ट्र-विरोधी” कहा। शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा कि मुस्तफिजुर को “किसी भी कीमत पर” खेलने नहीं दिया जाएगा। मुस्तफिजुर को बाहर करने के कदम का स्वागत करते हुए पश्चिम बंगाल बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा था, “जैसे पाकिस्तानी क्रिकेटरों को भारत में खेलने की इजाजत नहीं है, वैसे ही बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भी भारत में खेलने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।”
बांग्लादेशे से भी तीखी प्रतिक्रिया
सीमा पार से भी उतनी ही तीखी प्रतिक्रिया आई। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में युवा और खेल मामलों के सलाहकार आसिफ नजरुल ने फेसबुक पर पोस्ट किया, “हम बांग्लादेश के क्रिकेट, क्रिकेटरों और देश के किसी भी अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। गुलामी के दिन खत्म हो गए हैं।”
