युशी तनाका ने एक बार जापानी मीडिया से कहा था कि उन्हें बात करना बहुत पसंद है। एक बार जब वह बात करना शुरू करते हैं तो रुकते नहीं हैं। अब विश्व रैंकिंग में नंबर 27 के जापान के इस शटलर साल को उम्मीद होगी कि उनका जीतना बंद नहीं होगा। तनाका ने जब यह बात कही थी तब वह घरेलू स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के साथ-साथ कॉलेज की डिग्री पूरी कर रहे थे। वह इंटर कॉलेजिएट जीतते हुए इंटरनेशनल सर्किट में अपनी जगह बना की कोशिश में थे।

तनाका को युजी नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने शनिवार (22 नवंबर) को ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 के फाइनल में जगह बनाई, जिसमें भारतीय शटलर लक्ष्य सेन से उनका मुकाबला होगा। तनाका ने सेमीफाइनल में ताइवान लिन चुन-यी को 21-18, 21-15 से हराया। इससे पहले पेरिस वर्ल्ड चैंपियनशिप में देर से उभरने वाले 25 साल के जापानी खिलाड़ी ने पहले ही दिन चीन के वर्ल्ड नंबर 4 ली शिफेंग को हराकर हलचल मचा दी थी। उनके कोच पूर्व वर्ल्ड चैंपियन केंटो मोमोटा कोच हैं।

जापान के अन्य शटलरों से विपरीत हैं तनाका

एकल में जापान के अन्य शटलरों की तरह रक्षात्मक शैली से बिल्कुल अलग तनाका जबरदस्त अटैक करते हैं। वह स्पीड और जोश से भरे दिखाई देते हैं, जो उनके दूसरे कोच शो सासाकी की मौजूदगी के कारण है। मोमोटा ने शटल कंट्रोल को संतुलित रखने में मदद की है। इस साल की शुरुआत में निक्कन स्पोर्ट्स से बात करते हुए तनाका ने कहा था, “दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ी से सीखने से मुझे सच में बेहतर होने में मदद मिली है।”

पिता ऑटो चालक, बेटी ने जीता स्वर्ण पदक; मीनाक्षी हुड्डा समेत भारत की 3 बेटियों ने लगाया ‘गोल्डन पंच’

विदेश में अच्छा प्रदर्शन न करने के लिए आलोचना

तनाका ने अपना समय लिया, लेकिन अभी नंबर-8 पर टॉप जापानी खिलाड़ी कोडाई नाराओका को लगातार हराकर बहुत आत्मनिश्वास हासिल किया। घरेलू सरजमीं पर तनाका डोमेस्टिक रैंकिंग इवेंट्स में कोडाई से बहुत आगे निकल रहे थे, लेकिन विदेश में अच्छा प्रदर्शन न करने के लिए उनकी आलोचना होती थी। उन्हें उनकी ‘डोमेस्टिक लॉर्ड’ कहा जाता था। नेशनल सेटअप में आने के बाद तनाका ने खुद को साबित किया।

दुनिया के टॉप 10 में रहने की ख्वाहिश

तनाका इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में संघर्ष करते रहे। उन्होंने विदेश में अच्छा करने का इरादा पक्का कर लिया था। उन्होंने निक्कन से कहा था, “मैं अपनी पूरी कोशिश करूंगा ताकि लोग यह न कहें कि तनाका सिर्फ जापान में ही जीत सकते हैं। सबसे पहले मैं दुनिया के टॉप 10 में रहना चाहता हूं।”

तनाका ने ऑरलियन्स मास्टर्स जीता

मोमोटा के साथ जुड़ने के तुरंत बाद तनाका ने ऑरलियन्स मास्टर्स जीता, जिसमें उन्होंने सतीश करुणाकरन, मार्क कैलजॉ और एलेक्स लैनियर को हराया। अपना दूसरा ऑल जापान टाइटल जीतने के बाद उन्होंने मोमोटा के योगदान के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, “सबसे जरूरी चीजें चैंपियन के तौर पर उनका व्यवहार और सोच है।” ओलंपिक मेडल से चूकने और मलेशिया में एक्सीडेंट के बाद आंख में दिक्कत होने के बाद मोमोटा ने जापान में कोच के तौर पर अपनी दूसरी पारी शुरू की ।