भारतीय क्रिकेट टीम के कप्‍तान विराट कोहली को बचपन से ही बल्‍लेबाजी करने का शौक था। बचपन में वह आम भारतीय बच्‍चों की तरह गली में दोस्‍तों के साथ क्रिकेट खेला करते थे। उनके जोरदार शॉट्स से पड़ोसियों की खिड़कियों के कांच अक्‍सर टूट जाया करते थे। इसके लिए उन्‍हें डांट भी लगती रहती थी। इसके बावजूद उन्‍होंने गलियों में क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा था। विराट ने एक लाइव चैट कार्यक्रम में दिलचस्‍प खुलासा किया। उन्‍होंने कहा, ‘मैं बचपन में जब क्रिकेट खेला करता था तो पड़ोस की आंटी अक्‍सर मुझ पर गुस्‍सा होती रहती थीं। मैं हमेशा ही उनकी खिड़कियों के कांच तोड़ दिया करता था। मैं अक्‍सर जोरदार शॉट्स लगाया करता था। मैं इस बात को सोचकर हमेशा गुस्‍सा होता था कि वह अपनी खिड़कियों में ऐसी कांच का इस्‍तेमाल क्‍यों करती हैं जो आसानी से टूट जाते हैं?’ विराट ने बताया था कि बचपन में उन्‍हें यह बात सोचकर अक्‍सर आश्‍चर्य होता था कि वह (आंटी) मजूबत कांच क्‍यों नहीं लगाती हैं?

विराट कोहली ने बताया कि जिस गली में वह क्रिकेट खेला करते थे, आंटी का घर उसके पास ही था। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्‍तान ने बताया, ‘आंटी का घर गली में उस जगह पर स्थित था जहां से हमलोग बैटिंग किया करते थे। ऐसे में हर बार जब हमलोग शॉट्स मारते थे, उनकी खिड़की का शीशा टूट जाता था। मैं अक्‍सर इस बात को लेकर गुस्‍सा हुआ करता था कि वह मजबूत कांच का इस्‍तेमाल क्‍यों नहीं करती हैं, ताकि हमलोग शांति से क्रिकेट खेल सकें।’ विराट ने बतया कि आंटी के गुस्‍से के बावजूद वे दिन बहुत मजेदार थे। दिग्‍गज क्रिकेटर ने बताया कि उन्‍हें बचपन में प्‍लास्टिक बैट से खेलना बहुत पसंद था और उनके पिता अक्‍सर बॉल उनकी ओर बॉल फेंका करते थे। उन्‍होंने आनेवाली पीढ़ी को सलाह भी दी है। उन्‍होंने कहा कि युवाओं को खेलने के लिए पेशेवर सुविधाओं का इंतजार नहीं करना चाहिए। जहां मौका मिले वहीं खेलना शुरू कर देना चाहिए। मौजूदा समय में विराट कोहली टेस्‍ट, वनडे और टी-20 फॉर्मेट में भारतीय टीम की अगुआई कर रहे हैं। फिलहाल वह आईपीएल में रॉयल चैलेंजर बेंगलोर के कप्‍तान हैं।