विजय मर्चेंट ट्रॉफी अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट के मौजूदा सीजन यानी 2019-20 में बुधवार को निर्देश रामवीर बैसोया ने इतिहास रच डाला। 15 साल के निर्देश ने नगालैंड की पहली पारी के सभी 10 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। ऐसा कर उन्होंने अनिल कुंबले के 20 साल पुराने रिकॉर्ड की रिकॉर्ड की बराबरी की। भारतीय टीम के कप्तान और कोच रह चुके कुंबले ने 7 फरवरी 1999 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (पुराना नाम फिरोजशाह कोटला स्टेडियम) ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में 10 विकेट हासिल कर इंग्लैंड के जिम लेकर के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। जिम लेकर ने 1956 में मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में पारी के सभी 10 विकेट अपने नाम किए थे।

बैसोया मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं, लेकिन वे मेघालय की ओर से गेस्ट प्लेयर के तौर पर खेलते हैं। उन्होंने 21 ओवर में 51 रन देकर 10 विकेट अपने नाम किेए। उन्होंने 21 में से 10 ओवर मेडन भी फेंके। 10 विकेट लेने की अनोखी उपलब्धि अपने नाम करने के बाद बैसोया ने बताया, ‘यह अब तक मुझे रोमांचित कर रहा है। अनिल कुंबले ने जब 10 विकेट लेने का कारनामा किया था, तब मैं पैदा भी नहीं हुआ था, लेकिन मैं उस रिकॉर्ड के बारे में सुना बहुत था।’

बैसोया ने कहा, ‘मैं हमेशा से कुछ ऐसा ही करना चाहता था, लेकिन कभी यह नहीं सोचा था कि मेरी जिंदगी में ऐसा होगा। मैंने अभी-अभी अपने माता-पिता से बात की है। वे भी मेरी तरह भावुक हैं।’ बैसोया अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनके दो भाई और 3 बहनें हैं। बैसोया ने बताया कि वे चाहते हैं कि उनके माता-पिता और भाई-बहनों उन पर गर्व करें। वे जल्द से जल्द अपने घर पहुंचकर इस खुशी को परिवार के साथ बांटना चाहते हैं।

निर्देश ने बताया, ‘मैंने पहले सेशन में 6 विकेट चटका लिए थे। इसके बाद मुझे कुछ कुछ विश्वास होने लगा कि मैं सभी 10 विकेट हासिल कर सकता है। इसमें टीम के साथियों ने भी मुझे पूरा सहयोग किया। सुबह के समय पिच से टर्न मिल रही थी। मैंने इन परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया। मेरे लिए यह सपना सच होने जैसी बात है। मैं कड़ी मेहनत करके भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शन को दोहराना चाहता हूं।’