भारतीय टीम ने मंगलवार को सुपर सिक्स के मुकाबले में न्यूजीलैंड को मात दी। 295 के लक्ष्य के जवाब में न्यूजीलैंड केवल 81 रन ही बना सका। भारत के लिए सौम्य पांडे ने चार और राज लिमबानी ने दो विकेट लिए। लिमबानी ने पारी के पहले ही ओवर में दो विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। लिमबानी ने पहली गेंद पर सलामी बल्लेबाज टॉम जोन्स और पांचवीं गेंद पर स्निथ रेड्डी को पवेलियन भेजा। इससे पहले ओवर में न्यूजीलैंड का स्कोर 0 रन पर दो विकेट हो गया था। न्यूजीलैंड की टीम इससे दबाव में आ गई और फिर आखिर तक उभर नहीं पाई।
लिमबानी ने क्रिकेट के लिए छोड़ा घर
लिमबानी की सालों की मेहनत का असर अब वर्ल्ड कप में दिख रहा है। उन्होंने यहां अपनी रफ्तार से कहर मचा रखा है। लिमबानी गुजरात के कच्छ के दयापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता किसान हैं। अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ने के लिए लिमबानी को हर रोज 45 किमी का सफर करना पड़ता था। हालांकि क्रिकेट के लिए उन्होंने 12 साल की उम्र में घर छोड़कर वड़ोदरा शिफ्ट होने का फैसला किया। वडोदरा में जहां लिमबानी रहते थे वहां से उनका क्रिकेट क्लब 14 किमी दूर था। उनके पास बस में सफर करने के पैसे नहीं होते थे ऐसे में वह साइकिल से आना जाना करते थे।
हर रोज 28 किमी साइकिल चलाते थे लिमबानी
हर रोज साइकिल पर 28 किमी का सफर करने की वजह से लिमबानी का स्टेमिना काफी बढ़ गया। तेज गेंदबाजों के लिए यह काफी अहम होता है। लिमबानी धीरे-धीरे बरोडा क्रिकेट एसोसिएशन की सभी टीमों का हिस्सा बन गए। उन्होंने कूच बिहार ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू, अंडर19 चैलेंजर्स ट्रॉफी और अंडर23 वनडे टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।
140 की रफ्तार से डाल चुके हैं गेंद
अंडर 19 एशिया कप में हिस्सा लेने से पहले लिमबानी नेशनल क्रिकेट अकेडमी में ट्रेनिंग करते थे। यहां उन्होंने पिछले साल 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। अब इसी ट्रेनिंग का असर लिमबानी अंडर19 वर्ल्ड कप में दिखा रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और उन्हें उम्मीद है कि वह आने वाले समय में टीम की जीत में और अहम भूमिका निभाएंगे।
