टीम इंडिया के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत 15 अगस्त से शुरू हो रही साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज की तैयारियों में जुटे हैं। उन्हें पिछले कुछ समय से टीम इंडिया में लगातार मौका दिया जा रहा है। इस बाएं हाथ के खिलाड़ी की आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए उनकी तुलना दिग्गज एमएस धोनी से की जाती है। पंत की प्रतिभा को देखते हुए कई दिग्गजों का भी ऐसा मानना है कि वो आने वाले समय में टीम के लिए काफी अहम रहेंगे। वहीं, कई बार पंत की बल्लेबाजी में जल्दबाजी के चलते उनकी आलोचना भी होती है। उनके टीम में चुने जाने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इन तमाम सवालों का जवाब पंत ने बॉम्‍बे टाइम्‍स को दिए अपने इंटरव्यू में दिया।

खैरात में नहीं मिली जगहः पंत ने टीम में अपनी जगह को लेकर कहा कि एक खिलाड़ी को टीम में जल्दी मौका मिलना अच्छी बात है, लेकिन कोई ये नहीं बोलता कि भाई टीम में आजा। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। मुझे किसी ने गिफ्ट नहीं दिया है और कुछ फ्री में भी नहीं मिला है। सीधी सी बात है अगर आप अच्छा खेलते हैं तो टीम में आपको जगह मिलती है । कुछ भी खैरात में नहीं मिलता है। सभी को खुद को साबित करना होता है।

रातोंरात नहीं बन सकता धोनीः पंत ने धोनी से अपनी तुलना पर कहा कि मैं उनसे अपनी तुलना के बारे में नहीं सोचता बस मैं उनसे सीखता हूं। मैं रातोंरात उनके बराबर आकर नहीं खड़ा हो सकता हूं। मैं उन्हें अपना मेंटर मानता हूं, उन्होंने मुझे काफी कुछ सिखाया है। बैटिंग हो या फिर बैटिंग के लिए जाने से पहले वाला माइंडसेट और सबसे जरूरी दबाव वाले पलों में शांत रहना ये सब मैने एमएस धोनी से ही सीखी है। पंत ने कहा कि मैं अपनी सर्वश्रेष्‍ठ क्षमता के साथ खेलना चाहता हूं और मेरे आसपास जो भी लोग हैं, विशेष रूप से सीनियर, उनसे सीखना चाहता हूं।