भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत आईपीएल ऑक्शन 2025 में सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी थे। लखनऊ सुपर जायंट्स ने उनके लिए 27 करोड़ रुपए की बोली लगाई। इससे पहले पंत दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे और पूरा करियर इसी टीम की ओर से खेले थे। टीम के मालिक ने बताया कि आखिर क्यों पंत ने फ्रेंचाइजी का साथ छोड़ने का फैसला किया था।
ऋषभ पंत अपने हिसाब से टीम चलाना चाहते थे
दिल्ली कैपिटल्स के सह मालिक पृथवी शॉ ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में पंत को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘हम (मालिक) टीम को अलग तरीके से चलाना चाहते थे और ऋषभ पंत टीम को अपनी तरह से चलाना चाहते थे। इसी कारण चीजें बन नहीं पाई। इसका पैसे से कोई लेना-देना नहीं था। पैसा ऋषभ पंत की ओर से भी मुद्दा नहीं था और न ही हमारी तरफ से। हमारी सोच नहीं मिली। उसने सब खत्म करने का फैसला किया। हमने हर मुमकिन कोशिश की लेकिन उसने सोचा है कि अब आगे बढ़ने का फैसला किया है।’
पार्थ जिंदल पंत के जाने से थे दुखी
पार्थ जिंदल ने कहा कि पंत के अलग होने के कारण वह काफी दुखी थे। जिंदल ने कहा, ‘मैं उस लड़को छोटे भाई की तरह प्यार करता हूं। उसने फैसला किया और हमें उसकी इज्जत करनी चाहिए।’
दिल्ली के बजट से बड़ी बोली लगी
जिंदल ने कहा कि जब वह ऋषभ पंतको रिटेन नहीं कर पाए तभी यह बात समझ गए थे कि ऑक्शन में भी यह काम संभव नहीं होगा। नीलामी से ऋषभ पंत को वापस खरीदना असंभव जैसा काम था। पार्थ जिंदल ने कहा, ‘जिस पल हमने उसे रिटेन नहीं किया, मुझे पता था कि अब उसे वापस लाना मुश्किल भरा फैसला होगा। हमने उसके लिए 20.25 (करोड़) रुपये में ‘राइट-टू-मैच’ का इस्तेमाल किया, लेकिन फिर बजट बहुत अधिक हो गया। हम 22-23 (करोड़) रुपये तक बढ़ाने के लिए तैयार थे।’
पार्थ जिंदल ने यह भी बताया कि ऋषभ पंत आने वाले समय में टीम इंडिया की कप्तानी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम बहुत स्पष्ट थे और हम यह बखूबी जानते थे कि उनका लक्ष्य साफ है, हम जानते हैं कि वह कहां जाना चाहते हैं। उन्होंने बिल्कुल साफ किया हुआ है कि उनका सपना और चाहत भारतीय टीम की कप्तानी करना है, जिसकी शुरुआत आईपीएल टीम की कप्तानी से हुई।’
ऋषभ पंत के बाद दिल्ली कैपिटल्स का अगला कप्तानकौन होगा इसके बारे में अभी कुछ भी साफ नहीं है। ऑक्शन में टीम ने केएल राहुल को खरीदा है लेकिन उनका कप्तान बनना तय नहीं है। यहां क्लिक करके जानें टीम के मालिक ने कप्तानी को लेकर क्या कहा।
