खेलमंत्री विजय गोयल ने मंगलवार को संसद में बताया कि पिछले चार साल में 379 भारतीय खिलाड़ी डोप टैस्ट में नाकाम रहे हैं। गोयल ने लिखित जवाब में पिछले चार साल में राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजंसी से मिली सूचना के अनुसार डोप टेस्ट में विफल रहे खिलाड़ियों की सूची दी है। संसद के पटल पर दिए लिखित जवाब में कहा गया है कि वर्ष 2013 में 96 खिलाड़ी पाजीटिव पाए गए। जबकि 2014 में यह आंकड़ा 95 और 2015 में 120 रहा। इस साल अक्तूबर तक 68 खिलाड़ी डोप टेस्ट में विफल रहे।गोयल ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय खेल विकास आचार संहिता 2011 बनाया जो तीन जनवरी 2011 से लागू है। सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों को इसके प्रावधानों पर अमल करना अनिवार्य है जिसमें डोपिंग जैसे अनैतिक चलन से बचने के लिए सरकारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन शामिल है।

साथ ही संसद में पूछे गए एक अन्य सवाल (क्या सरकार ने एथलिटों या खिलाड़ियों द्वारा प्रतिबंधित दवाइयों के सेवन से दूर रहने के लिए उन्हें सख्त चेतावनी जारी करने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण और खेल परिसंघों को कोई निर्देश जारी किए हैं?) के जवाब में खेलमंत्री ने कहा कि नाडा, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) व राष्ट्रीय खेल परिसंघों को डोपिंग और इसे नियंत्रित करने के संबंध में नियमित रूप से सूचित करता है। नाडा साई और राष्ट्रीय खेल परिसंघ से खिलाड़ियों और सायक कर्मिकों के लिए डोपरोधी जागरूकता सत्र आयोजित करने के लिए अनुरोध करता है ताकि खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने से हतोत्साहित किया जा सके।

गेंद से छेड़छाड़ के मामले में प्रतिबंध से बचे डुप्लेसिस

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस को मंगलवार को गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया। हालांकि उन्हें अगले हफ्ते आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले तीसरे टैस्ट में खेलने की स्वीकृति मिल गई। आस्ट्रेलिया के सामने घरेलू मैदान पर पहली बार वाइटवाश से बचने की चुनौती है।होबार्ट में दूसरे टैस्ट के दौरान डुप्लेसिस मिठाई या मिंट चबाते हुए कैमरे पर दिखे जिसकी लार को उन्होंने गेंद पर लगाया जिसके बाद उन पर पूरी मैच फीस का जुर्माना लगाया गया। मैच रैफरी एंडी पाईक्राफ्ट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एडिलेड में सुनवाई के दौरान होबार्ट में हुई घटना की वीडियो फुटेज देखने के बाद डुप्लेसिस को दोषी पाया।आइसीसी ने बयान में कहा कि यह फैसला अंपायरों द्वारा दिए साक्ष्यों के आधार पर किया गया।

जिन्होंने पुष्टि की कि अगर उन्होंने इस घटना को देखा होता तो वे तुरंत कार्रवाई करते। उन्होेंने कहा कि (मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब के प्रमुख) स्टीफनसन ने भी एमसीसी के नजरिए की पुष्टि की कि टेलीविजन फुटेज में दिखा कि गेंद पर कृत्रिम पदार्थ लगाया गया। डुप्लेसिस को दूसरी बार गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाया गया है। पाकिस्तान के खिलाफ 2013 में दूसरे टैस्ट के दौरान भी उन पर मैच फीस का 50 फीसद जुर्माना लगा था। लेकिन प्राइक्राफ्ट ने कहा कि उन्होंने सितंबर से लागू हुई आइसीसी की आचार संहिता के तहत इसे पहला अपराध माना।इसके साथ ही डुप्लेसिस के अनुशासनात्मक रिकार्ड में तीन डिमेरिट अंक जुड़े। अगर अगले 24 महीने में उन्हें एक और अंक मिलता है तो यह निलंबन अंक में बदलेगा और उन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। दो निलंबन अंक एक टैस्ट या दो वनडे या दो टी-20 के प्रतिबंध के बराबर है। इनमें से जो भी पहले होता है उसका प्रतिबंध लगता है।