भारत में आठ से 18 दिसंबर तक होने वाले जूनियर हॉकी विश्व कप से बाहर किये जाने को लेकर पाकिस्तान हॉकी महासंघ जिनीवा स्थित खेल पंचाट में अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ के खिलाफ अपील करने की सोच रहा है। पीएचएफ के सूत्र ने बताया कि कानूनी सलाहकारों से इस बारे में बात की जा रही है चूंकि पीएचएफ ने विश्व कप की तैयारी पर लाखों रुपए खर्च किये हैं। सूत्र ने कहा, ‘अभी तक कुछ तय नहीं है लेकिन ऐसा हो सकता है। पीएचएफ का मानना है कि भारत के नरिंदर बत्रा की अध्यक्षता वाले एफआईएच ने उसके साथ नाइंसाफी की है।’
एफआईएच ने कहा है कि उसने लखनऊ में हो रहे जूनियर विश्व कप में भाग ले रही 16 टीमों में से पाकिस्तान का नाम हटा दिया है चूंकि उसने टीमों को दी गई समय सीमा के भीतर अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की थी। पाकिस्तान की जगह मलेशिया इसमें खेलेगा। पीएचएफ सचिव शाहबाज अहमद ने खेलों पर नेशनल असैंबली की स्थायी समिति को एफआईएच के फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि फैसले के खिलाफ सभी कानूनी और उचित कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने कहा,‘हम झुकने वाले नहीं है। हमारे साथ नाइंसाफी हुई है जिससे हमारी हॉकी को नुकसान हुआ है।’

