भारत को चौथी एशियाई चैम्पियन्स ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मजबूत होकर उभरे दक्षिण कोरिया के खिलाफ ठोस प्रदर्शन की उम्मीद होगी लेकिन दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश की टखने की चोट से टीम कुछ चिंतित होगी। डिफेंडर सुरेंदर कुमार का निलंबन भी भारत के लिए परेशान करने वाला है। वर्ष 2011 में टूर्नामेंट के पहले सत्र में जीते खिताब को दोबारा अपने नाम करने के इरादे से उतरने वाले भारत ने दक्षिण कोरिया की युवा टीम के खिलाफ लीग मैच 1-1 से बराबर खेला था लेकिन तब से विरोधी टीम के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। भारतीय टीम राउंड रोबिन लीग चरण के बाद शीर्ष पर थी।
भारतीय कोच रोलैंट ओल्टमैंस ने भी स्वीकार किया कि कोरिया के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा। ओल्टमैंस ने कहा, ‘दक्षिण कोरिया की टीम अच्छी है जिसने टूर्नामेंट के दौरान अपने स्तर में सुधार किया है। हमने कल देखा कि वे क्या कर सकते हैं। उनका मजबूत पक्ष उनका डिफेंस है।’ श्रीजेश की चोट के संदर्भ में ओल्टमैंस ने कहा, ‘मुझे लगता है कि श्रीजेश खेल पाएगा। वह टखने की चोट से उबर रहा है लेकिन अगर वह सेमीफाइनल में नहीं भी खेल पाता तो भी आकाश चिक्ते काफी अच्छा रिजर्व विकेटकीपर है।’’
भारत को रूपिंदर पाल सिंह की सफलता का भी फायदा मिला है जो इस टूर्नामेंट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल रहे हैं और अब तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक 10 गोल उनके नाम पर दर्ज हैं। भारत को हालांकि सुरेंदर की कमी खल सकती है जिन्हें मलेशिया के खिलाफ टीम के अंतिम लीग मैच के दौरान खतरनाक फाउल के लिए निलंबित किया गया है। टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मलेशिया और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा जिसमें मेजबान टीम लीग चरण के अपने प्रदर्शन को दोहराने के इरादे से उतरेगी जहां उसने विरोधी टीम को शिकस्त दी थी।

