भारतीय जूनियर हॉकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह ने मंगलवार (15 नवंबर) को कहा कि अगर पाकिस्तान एफआईएच जूनियर विश्व कप में अपनी हॉकी टीम को खेलने की स्वीकृति नहीं देता है तो भी इस शीर्ष टूर्नामेंट का रोमांच कम नहीं होगा। हरेंद्र ने कहा, ‘यहां तक कि अगर पाकिस्तान अपनी टीम को विश्व कप में खेलने की स्वीकृति नहीं देता है तो भी रोमांच कम नहीं होगा। विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता अपने आप ही काफी रोमांचक पैदा करती है।’ हरेंद्र ने कहा कि जब वह खेलते थे तब भी उन्होंने भारत-पाक मैच को मैदान पर जुनूनी प्रतिद्वंद्विता के रूप में नहीं देखा और वह इसे किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच की तरह खेलते थे।
उन्होंने कहा, ‘जब मैं खेलता था तब भी भारत-पाकिस्तान मैचों को जुनूनी प्रतिद्वंद्विता के रूप में नहीं देखता था और दिमाग में बिना किसी तनाव के सामान्य रूप से खेलता था।’ हरेंद्र ने कहा, ‘मैं अपने खिलाड़ियों को भी सलाह देता हूं कि भारत-पाकिस्तान मैच को किसी अन्य मैच की तरह लें जैसे मैं करता था।’ सीमा पर तनाव के बीच पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) को अब भी विश्व कप में राष्ट्रीय टीम भेजने के लिए सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला है। हरेंद्र ने कहा कि उनके खिलाड़ी रोमांचित हैं और विश्व कप के मैचों का बेताबी से इंतजार कर रहे हैं। जूनियर विश्व कप में भारत अपने अभियान की शुरुआत आठ दिसंबर को कनाडा के खिलाफ करेगा।

