पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि आईसीसी इवेंट्स की बढ़ती संख्या और टीमों को बीच क्वालिटी में बढ़ते अंतर के कारण 2026 का आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप कोई नहीं देखेगा।

कोई नहींं देखने वाला टी20 वर्ल्ड कप

यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि टूर्नामेंट के शुरुआती चरणों में एकतरफा मैचों की बढ़ती संख्या फैंस को इस इवेंट से दूर कर सकती है। अश्विन ने कहा कि इस बार कोई भी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप नहीं देखने वाला है। इंडिया बनाम यूएसए, इंडिया बनाम नामीबिया, ये ऐसे मैच हैं जो सचमुच आपको वर्ल्ड कप से दूर कर देंगे। वर्ल्ड कप हर चार साल में एक बार होता था। इसी वजह से लोगों में दिलचस्पी बनी रहती थी। भारत पहले राउंड में इंग्लैंड या श्रीलंका से खेलता था और उसमें ज्यादा मजा आता था।

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अश्विन ने आईसीसी टूर्नामेंट्स की रेगुलर शेड्यूलिंग पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे वर्ल्ड कप से जुड़ी पारंपरिक उस्ताह कम हो गई है। उन्होंने स्थापित टीमों और उभरती हुई टीमों के बीच बढ़ते अंतर को एक बड़ी समस्या बताया और कहा कि शुरुआती राउंड में होने वाले बेमेल मैच टूर्नामेंट से उसकी प्रतिस्पर्धी भावना को खत्म कर देते हैं। 2010 से (2018 को छोड़कर) लगभग हर साल ICC टूर्नामेंट हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण टी20 वर्ल्ड कप 2020 से 2021 तक के लिए टाल दिया गया था और 2022 में फिर से आयोजित किया गया। इसके बाद 2023 में 50-50 ओवर का वर्ल्ड कप हुआ, उसके बाद 2024 में T20 वर्ल्ड कप, 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और अब 2026 में एक और टी20 वर्ल्ड कप होगा। अश्विन की कही हुई बात फैंस और कुछ पूर्व प्लेयर्स द्वारा जताई गई चिंता से मिलती है और लगातार बिजी इंटरनेशनल कैलेंडर की वजह से दर्शकों में थकान हो रही है।

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आपको बता दें कि 2026 का मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू होगा और इसमें 20 टीमें हिस्सा लेंगी। इसे भारत और श्रीलंका मिलकर होस्ट करेंगे। भारत डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर टूर्नामेंट शुरू करेगा और खिताब बचाने के लिए पसंदीदा टीमों में से एक है। इस बार 20 टीमों को 5 ग्रुप में बांटा गया है और भारत को पहला मैच यूएसए के खिलाफ खेलना है।