भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल की तरह नहीं है बल्कि लोग इसे धर्म की तरह मानते हैं, जुनून की तरह से जीते हैं और मैदान पर अपनी टीम और फेवरेट खिलाड़ी को चीयर करने के लिए हर संभव कोशिश भी करते हैं। मैदान पर भारतीय प्रशंसकों का उत्साह किसी से छिपा नहीं है, वहीं कुछ फैंस तो ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। सचिन तेंदुलकर के फैन सुधीर और धोनी के बिग फैन रामबाबू के बारे में भला कौन नहीं जानता ऐसा ही किस्सा विराट के जबरे फैन निकास कंहार का भी है जो मैदान में अक्सर विराट कोहली को चीयर करते नजर आते रहे हैं। हालांकि इन दिनों निकास विराट के प्रति अपने प्यार के लिए नहीं बल्कि अपने देश प्रेम के लिए सुर्खियों में हैं।
दरअसल निकास का विराट प्रेम तो जगजाहिर है लेकिन इन दिनों वो हाथों में तिरंगा उठाए उड़ीसा के कलिंगा स्टेडियम में भी नजर आ रहे हैं जहां हांकी विश्वकप का रोमांच जारी है। भारत के अबतक खेले गए दोनों ही मुकाबलों में निकास ने अपने देश का सपोर्ट किया। फर्स्टपोस्ट की खबरों की मानें तो निकास ने बताया कि मुझे हांकी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं अपने देश को चीयर करने का ये मौका भला कैसे छोड़ सकता हूं जब वर्ल्ड कप मेरे ही शहर में हो रहा है। बता दें कि निकास उड़ीसा के कंधमाल जिले के फुलबानी के रहने वाले हैं।
कुछ ऐसा है जुनूनः फुलबानी भुवनेश्वर से करीब 207 किमी दूर है लेकिन जब भी भारत का मुकाबला होता है तो निकास अपने को तिरंगे के रंग में रंगकर अपने दोस्त से विराट कोहली का नाम अपने पीछे लिखवाते हैं और ट्रेन से करीब तीन घंटे की य़ात्रा करके अपने देश का मान बढ़ाने के लिए पहुंच जाते हैं। उनका कहना है कि मेरे दोस्त कहते हैं कि मैं क्रिकेट के लिए पागल हूं लेकिन मैं अपने देश को हॉकी में भी वर्ल्ड कप दिलाना चाहता हूं।

क्रिकेट में कुछ यूं ‘बोल्ड’ हुए थे निकास: निकास बताते हैं कि उन्होंने 1998 में पहली बार कटक में एकदिवसीय मुकाबला देखा था जिसमें जिम्बांब्वे के खिलाफ भारत के अजय जडेजा और अजहरुद्दीन ने शानदार बल्लेबाजी की थी। इस मुकाबले ने मुझे क्रिकेट के प्रति झुका दिया और वो धीरे-धीरे क्रिकेट के फैन होने लगे। इसके साथ ही वो विराट कोहली के अंदाज और एनर्जी के दीवाने होने लगे और उनके जबरे फैन हो गए।
सचिन के फैन ने किया विराट परिवर्तनः सचिन के फैन सुधीर के बारे में भला कौन नहीं जानता शरीर को तिरंगे में रंगकर मैदान में एक हांथ में शंख और तिरंगा लिए टीम इंडिया को सपोर्ट करने के उनके अंदाज ने निकास के जीवन पर भी काफी असर डाला और वो भी ऐसा ही करने लगे।


मैच देखने के लिए बेच दिए थे मां के गहनेः 2016 में मोहाली के मैदान पर भारत-इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच होने वाला था जिसे देखने के लिए निकास ने अपनी मां के गहने बेच दिए थे। इस बात की भनक जब कोहली को लगी तो विराट उनसे दोगुने उत्साह से मिले और उन्हें कहा कि कितने पैसे में मां के कंगन वापस आ सकते हैं जिसपर निकास ने उनसे कहा कि उन्हें पैसे नहीं बल्कि हर मुकाबले को देखने का टिकट चाहिए और कोहली ने इसपर रजामंदी दिखाई।