ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में आयोजित होने वाली सात दिवसीय पुरुष-महिला नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लापरवाही की हद देखने को मिली। बदइंतजामी का आलम यह है कि टूर्नामेंट तय समय पर शुरू नहीं हो पाया। प्रतियोगिता शुरू होने के समय तक सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। खिलाड़ियों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक पदाधिकारी ने नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तय समय पर शुरू होने का कारण बताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी की गेट रात में बंद होने के कारण सामान अंदर नहीं आ पाया। उन्होंने यह बात स्वीकारी कि फेडरेशन इसके लिए तैयार नहीं था। बता दें कि नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के मुकाबले रविवार (4 जनवरी) को भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे होना था।
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हम तैयार नहीं थे
नाम ना उजागर होने की शर्त पर बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक पदाधिकारी ने जनसत्ता को बताया,” 4 बजे शुरू हो जाएगा। जो काम रात को होना था वह हो नहीं पाया क्योंकि हॉल बंद हो गया। मेन एंट्री गेट बंद हो गए, जिसके कारण वजह से कुछ सामान अंदर नहीं आ पाया। जिसकी वजह से इसमें देरी हुई। यह कुछ ऐसा था जिसके लिए हम तैयार नहीं थे कि रात को गेट बंद होंगे। इस वजह से इसमें देरी हुई, लेकिन एक रिंग अब चालू है। एक और रिंग भी चालू हो जाएगी। यह 4 बजे शुरू होगी। कुल तीन रिंग हैं।”
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600 पुरुष और महिला बॉक्सर 10-10 वेट कैटेगरी में हिस्सा लिया
यह पहला मौका है जब पुरुषों और महिलाओं की नेशनल चैंपियनशिप एक ही जगह पर एक साथ हो रही है। इसमें पूरे भारत से लगभग 600 पुरुष और महिला बॉक्सर 10-10 वेट कैटेगरी में हिस्सा लिया। पुरुषों मे वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल के गोल्ड मेडलिस्ट हितेश और सचिन, सिल्वर मेडलिस्ट अविनाश जमवाल, एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट नरेंद्र बेरवाल और वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट अमित पंघाल एक्शन में दिखेंगे। हर मेंबर एसोसिएशन ज्यादा से ज्यादा 10 पुरुष और 10 महिला बॉक्सर भेज सकता है, जबकि पिछले साल नवंबर में नोएडा में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में हिस्सा लेने वाले एथलीटों को डायरेक्ट एंट्री मिली है।
