छह बार की वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर मैरीकॉम और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली गीता फौगाट समेत भारत की कई स्टार महिला खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद अपनी-अपनी पोस्ट डिलीट कर दी हैं। इन सभी ने एक सरकारी कार्यक्रम के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए एक जैसे ट्वीट किए थे।
दिवाली की पूर्व संध्या पर, कई महिला खिलाड़ियों ने ट्वीट किया था, ‘मैं इस दिवाली महिलाओं को सम्मान और सशक्त बनाने की उनकी पहल के लिए @narendramodi को धन्यवाद देतीं हूं। इससे हमें कड़ी मेहनत करने और भारत को गौरवान्वित करने की प्रेरणा मिलती है। #bharatkilaxmi.’ हालांकि, देखने में कॉपी-पेस्ट का मामला समझ में आया। सभी खिलाड़ियों ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक जैसी भाषा वाली ही पोस्ट की थीं।

थोड़ी देर बाद, रेसलर पूजा ढांडा ने भी बिल्कुल वही पोस्ट अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट की। हालांकि, वे अपने पोस्ट की शुरुआत में से ‘Text’ हटाना भूल गईं। इसके बाद इन ट्वीट्स ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद सोशल मीडिया पर ये महिला खिलाड़ी ट्रोल होने लगे। एक यूजर ने लिखा, ‘आज ये सब आईटी सेल कर्मचारी बन गए हैं।’ दूसरे ने लिखा, ‘एक देश, एक ट्वीट।’ यहां यह भी खास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भारत की लक्ष्मी’ अभियान शुरू करने का जिक्र रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया था।
ट्रोल होने पर सबसे पहले पूजा ढांडा ने अपना ट्वीट डिलीट किया। इसके बाद मैरीकॉम और गीता फौगाट ने भी अपने ट्वीट डिलीट कर दिए। गीता ने तो न सिर्फ अपना ट्वीट डिलीट किया, बल्कि इस संबंध में एक नया ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने इस दिवाली के मौके पर महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया। बता दें कि गीता की सगी बहन बबीता फौगाट कुछ दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुईं थीं। बबीता ने चरखी दादरी सीट से भाजपा के टिकट पर हरियाणा विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन वे तीसरे नंबर पर रही थीं। बबीता ने राजनीति में आने के लिए हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर की नौकरी भी छोड़ दी थी।
जिन अन्य महिला खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर धन्यवाद दिया था, उसमें भारत की नंबर वन शटलर पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, टेबल टेनिस खिलाड़ी मणिका बत्रा भी शामिल थीं। इस पोस्ट का उद्देश्य सरकार के ‘भारत की लक्ष्मी’ अभियान को प्रमोट करना था। सरकार के ‘भारत की लक्ष्मी’ अभियान का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों पर विशेष रूप से चिन्हांकित करना है।

