मनोज जोशी

जिस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्तर की प्रतिभाएं एक साथ भाग न ले पाती हों, वहां ज्यादातर प्रतिभाओं का एक मंच पर आना बड़ा कदम है। भारतीय मुक्केबाजी संघ ने इमर्जिंग स्पोर्ट्स एंड मीडिया टेक्नोलॉजी के साथ बिग बाउट लीग का आयोजन करके इस दिशा में एक बड़ा कदम रखा है। कटक, लुधियाना और दिल्ली में होने वाली इस लीग में मैरी कॉम सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियां भाग ले रही हैं। लीग का पहला पड़ाव दो दिसंबर से कटक में शुरू होगा।

सवाल यह है कि अगर साइना और सिंधु के बीच राष्ट्रीय चैंपियनशिप का फाइनल मुख्य आकर्षण बन सकता है तो ऐसा मुक्केबाजी के साथ क्यों नहीं हो सकता। लीग में कई शीर्ष मुक्केबाजों को देश के उन राष्ट्रीय चैंपियन या अन्य तेजी से उभरे मुक्केबाजों के साथ दो-दो हाथ करने का मौका मिलेगा, जो उन्हें राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं मिल पाता। दूसरे, ओलंपिक या विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ उन्हें अगर यह अवसर मिल जाए तो सोने पे सुहागा। बस, खिलाड़ियों को अपनी चोट से बचने का ख्याल रखना होगा। दूसरे जिन खिलाड़ियों के पास कोई प्रायोजक नहीं है, उनके लिए भी यह लीग अहम भूमिका निभा सकती है।

छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरी कॉम बिग बाउट लीग की मुख्य आकर्षण हैं। उन्हें एनसीआर पंजाब रॉयल्स ने अपनी टीम में शामिल किया है। यानी मणिपुर की मैरी कॉम अगले कुछ दिनों में पंजाबी कुड़ी की भूमिका में होंगी। ओलंपिक की वजह से मैरी कॉम हाल में लाइट फ्लाई से फ्लाईवेट में आई हैं जिससे उन्हें अपना विश्व खिताब भी गंवाना पड़ा है। दूसरे, लंदन और रियो में जहां उन्हें उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेकॉर्डतोड़ कामयाबियों की वजह से ओलंपिक में सीधे भाग लेने की छूट मिलती रही, वह छूट उन्हें इस बार नहीं मिलेगी। इस बार उन्हें ओलंपिक क्वालीफाइंग से पहले ट्रायल में उतरना होगा। दरअसल, इसी वजन श्रेणी की मुक्केबाज निखत जरीन के विरोध पर खेल मंत्रालय को बीच-बचाव करके इनके ट्रायल कराने का फैसला करना पड़ा है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में ये दोनों खिलाड़ी ओलंपिक क्वालीफाइंग में उतरने के लिए ट्रायल देंगी और उससे पहले इन दोनों के बीच बिग बाउट लीग में होने वाला मुकाबला सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र होगा।

वैसे मैरी कॉम ने निखत को इंडिया ओपन में हराया है लेकिन फिर भी युवा जोश और अनुभव के बीच का यह मुकाबला किसी मल्ल युद्ध से कम नहीं है। लीग में निखत ओड़ीशा वॉरियर्स की ओर से अपनी चुनौती रखेंगी। ऐसा नहीं है कि राष्ट्रीय स्तर पर मेरीकॉम को हराया नहीं जा सकता। पिछले वर्षों में पिंकी रानी ने भी उन्हें राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हराया है। इसके अलवा बॉम्बे बुलेट्स की कोलंबियाई खिलाड़ी इनग्रित लोरेना वालेंसिया विक्टोरिया के खिलाफ उतरना मैरी कॉम और निखत दोनों के लिए बेहद अहम है क्योंकि इनग्रित रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजता हैं। बिग बाउट लीग में छह टीमों के 42 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं जिनमें 11 देशों के डेढ़ दर्जन खिलाड़ी विदेशी हैं। इनमें विश्व विजेता के पदक विजता अमित पंघाल, गौरव बिधूड़ी, कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन मनोज कुमार, पूर्व विश्व विजेता सरिता देवी, विश्व युवा विजेता पीएल प्रसाद और निखत ज़रीन।