हिमांशु अग्निहोत्री | भारत के फ्रेंचाइजी फुटबॉल टूर्नामेंट इंडियन सुपर लीग (ISL) के ऊपर लंबे समय से खतरा मंडरा रहा था। इस लीग के लिए कमर्शियल पार्टनर नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब इस लीग को भारतीय खेल मंत्रालय ने हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार (6 जनवरी 2026) को खेल मंत्री मंसुख मांडविया ने ऐलान किया कि 14 फरवरी से इस लीग की शुरुआत होगी। इसमें 14 क्लब की टीमें खेलेंगी।
मांडविया ने नई दिल्ली में एआईएफएफ (अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ) और आईएसएल क्लबों के बीच भारतीय खेल प्राधिकरण मुख्यालय में हुई बैठक के बाद मीडिया को बताया, ‘‘इंडियन सुपर लीग 14 फरवरी से शुरू होगी जिसमें सभी क्लब भाग लेंगे। सरकार, एआईएफएफ और सभी क्लबों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से भारतीय फुटबॉल को लेकर अदालत में चल रहे विवाद के कारण आईएसएल के आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी जिस पर अब विराम लग गया है।’’
एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने इस मौके पर बताया, ‘‘आईएसएल के संचालन के लिए संचालन परिषद बोर्ड का गठन होगा। आईएसएल में 14 टीमों के 91 मैच एक चरण में होम (घरेलू) और अवे (प्रतिद्वंद्वी टीम का घरेलू मैदान) आधार पर खेले जाएंगे। मैच कहां होंगे, यह सभी क्लब एआईएफएफ के साथ मिल कर तय करेंगे।”
आई लीग का भी होगा आयोजन
चौबे ने आई लीग को लेकर कहा, ‘‘आई लीग में 11 टीमों के बीच 55 मैच खेले जाएंगे जो आईएसएल के साथ ही आरंभ होगी। इसमें आईलीग-दो और आईलीग-तीन में 33 के बजाये 40 टीमें होंगी।’’ उन्होंने बताया कि आईएसएल के लिए 25 करोड़ रुपये का एक कैप (खर्च की सीमा) बनाया गया है जिसमें 10 प्रतिशत एआईएफएफ, 15 प्रतिशत क्लब 30 प्रतिशत व्यावसायिक साझेदार वहन करेंगे।
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उन्होंने कहा, ‘‘जब तक व्यावसायिक साझेदार नहीं मिल जाता तब तक एआईएफएफ कुल 40 प्रतिशत खर्च वहन करेगा। एआईएफएफ का कुल योगदान 14 करोड़ रुपये होगा जिसमें 10 करोड़ आईएसएल और 3.2 करोड़ आई लीग के लिए होंगे।’’ आईडब्ल्यूएल (इंडियन वुमेन लीग) का शत प्रतिशत फंड एआईएफएफ का होगा।
