राहुल साधु -ens

झारखंड के वरुण एरोन पहली बार उस समय सुर्खियों में आए थे जब साल 2011 में उन्होंने गुजरात के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल के दौरान 153 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की थी। चेन्नई की एमआरएफ पेस एकेडमी के प्रोडक्ट आरोन विराट कोहली के नेतृत्व में 2014-15 सीज़न में भारतीय पेस के प्रमुख सदस्यों में से एक थे। लेकिन लगातार चोटों की वजह से वरुण को टीम से बाहर होना पड़ा। अब एक शानदार घरेलू सीज़न और काउंटी क्रिकेट से कुछ मूल्यवान अनुभव लेने के बाद एरोन वापस आ गए है। लेकिन क्या वह फिर से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी के लिए तैयार है?

आईपीएल के 12वें सीजन में में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे वरुण एरोन ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ” “हाँ बिल्कुल। मैं अपने आप को बेहतर बनाने के लिए काफी अभ्यास कर रहा हूं और देखता हूं कि मैं टीम के लिए अपनी ताकत का उपयोग कहां कर सकता हूं। यह एक अलग अनुभव था, जिससे मैंने बहुत कुछ हासिल किया और मैं वास्तव में इस साल के आईपीएल की प्रतीक्षा कर रहा हूं।”

एरोन ने कहा कि वह यह जानते हुए भी तेज गेंदबाजी करना चाहते हैं कि अन्य क्रिकेटरों की तुलना में तेज गेंदबाजों को ज्यादा मांसपेशियों की चोट का सामना करना पड़ता हैं। उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में भयभीत नहीं हूं। चोट लगने जैसी चीजें खेल का हिस्सा हैं, लेकिन इससे मैं हतोत्साहित नहीं होता हूं। मैं हमेशा आशावादी रहा हूं, खासकर इन स्थितियों में और मैं इन सभी अनुभवों से सीखता हूं, और जिन लोगों के पास मैं अतीत में था। मैं उठ सकता हूं और जीतने के लिए लड़ सकता हूं।”

वरुण एरोन अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत करते हैं। (Source: Rajasthan Royals)

एरोन को आईपीएल 2018 में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था जिसके बाद वह लीसेस्टरशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने चले गए थे। उन्होंने कहा, “मैंने उस समय वो सारे प्रयास किए जो मैं कर सकता था। मैं वापस गया और अपने कुछ स्किल पर काम किया और नए स्किल को विकसित किया। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य लीसेस्टरशायर के लिए खेलना होगा और उन्हें अपना पहला खिताब जीतने में मदद करना होगा।”

एरोन ने कहा, “काउंटी के साथ जुड़ना मेरे लिए काफी खुशी की बात है और इसने मुझे विजय हजारे ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफीऔर इंडिया ए की ओर से अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। मैं अब अपनी इस फॉर्म और खेल को बाकी समय के लिए इंग्लैंड के लिए बरकरार रखना चाहता हूं।”

आईपीएल से बाहर रहने का जमशेदपुर के 29 वर्षीय खिलाड़ी को फायदा भी मिला। उन्होंने कहा, “मुझे नए स्किल को सीखने और विकसित करने के लिए काफी समय मिल गया। साथ ही मैंने आईपीएल से अनुपस्थिति को सकारात्मक और रचनात्मक रूप से लिया और अब फ्रैंचाइज़ी ने मुझमें प्रतिभा देखी और मुझे अपनी टीम में चुना।”

वरुण एरोन (Source: Rajasthan Royals)

पेसर ने कहा कि काउंटी क्रिकेट ने उन्हें नकल बॉल और कटर के साथ अपने स्किल का विस्तार करने में काफी मदद की। वरुण ने कहा, “मैं पहले एक तेज गेंदबाज हुआ करता था, अब मैं लेग-कटर और स्लोअर गेंद भी इस्तेमाल करता हूं। मैं विदेशी धरती पर भी गेंद को स्विंग करता हूं और उसमें विविधता भी लाता हूं।”

वरुण आखिरी बार नवंबर 2014 में भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी में नजर आए थे। तो क्या आईपीएल भारतीय टीम में उनकी वापसे दरवाजे खोल सकता है? इस सवाल के जवाब में वरुण ने कहा, “यह संभवतः हो सकता है और मैं इस आईपीएल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने जा रहा हूं। मैं इसके बारे में चिंता नहीं करता कि आगे क्या होगा। मुझे विविधता का अतिरिक्त लाभ मिलता हैं और मुझे लगता है कि वे मुझे वापसी करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। किसी भी अन्य क्रिकेटर की तरह मैं अपने देश के लिए खेलना और अपनी टीम जीत में सहयोग करना चाहता हूं।”