दिल्ली में खेले जाने वाले आईपीएल मैचों पर संकट गहरा रहा है। जिस तरह से चेन्नई में खेले जाने मैचों को पुणे में ट्रांसफर किया गया है, उसी तरह दिल्ली में खेले जाने वाले मैचों को अन्य शहरों में ट्रांसफर किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर दिल्ली हाईकोर्ट आधिकारिक ब्रॉडकास्टर को मैचों के दौरान फिरोजशाह कोटला मैदान के पुराने क्लब हाउस में कैमरे लगाने की इजाजत नहीं मिलती है, तो मैचों तो दूसरे शहरों में शिफ्ट किया जा सकता है। इसके विकल्प के तौर पर कानपुर, राजकोट, रायपुर और इंदौर के नाम सामने आ रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मैचों के प्रसारण के मुद्दे पर आईपीएल, दिल्ली डेयरडेविल्स और दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन प्रबंधन के बीच बैठक हो हुई थी। मामला गेंदबाज के बॉलिंग आर्म को फॉलो करने वाले कैमरे को नहीं लगाने को लेकर फंस रहा है। इसे लेकर सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए इस प्रकार कैमरे न लगाना प्रसारण से बड़ा समझौता करना होगा।
दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर 18 अप्रैल को सुनवाई होनी है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पुरातात्विक विभाग कोटला अवशेषों को ने संरक्षित स्मारक घोषित किया है और स्टेडियम में किए गए निर्माण कोटला अवशेषों से महज 20 मीटर की दूरी पर आते हैं, ऐसे में एएसआई के नियमों के मुताबिक किसी भी संरक्षित स्मारक के 100 मीटर के घेरे में किसी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है। हालांकि ऐसा ही संकट टी20 वर्ल्ड कप के दौरान गहराया था, तब हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद कोटला मैदान में तय कार्यक्रम के तहत ही मैच खेले गए थे।
कहा जा रहा है कि हाईकोर्ट से कैमरों को लगाने की मंजूरी मिलने के बाद भी आय के हिसाब से दिल्ली की फ्रेंचाइजी को नुकसान उठाना पड़ेगा। ऐसा होने पर बिक्री के लिए कम से कम 2300 सीट बिक्री के लिए नहीं बचेंगी। 18 अप्रैल को मामले की सुनवाई से पहले दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन कोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर कर सकता है। सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई ने डीडीसीए को शुक्रवार तक मामले पर स्टे लेकर आने को कहा है। अगर ऐसा न हुआ तो मैचों का ट्रांसफर किया जाएगा।

