भारतीय क्रिकेट के नए सितारे युजवेंद्र चहल ने इन दिनों फील्डिंग के दौरान चश्‍मा लगाना शुरू कर दिया है। रविवार (18 फरवरी) को जोहान्‍सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 में वह चश्‍मा लगाए दिखे। डेक्‍कन क्रॉनिकल (डीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, उन्‍होंने ऐहतियातन चश्‍मे का इस्‍तेमाल शुरू किया है। चहल के पिता ने डीसी से कहा, ”दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने से पहले, मेरे बेटे को कभी-कभी चश्‍मा पहनने की सलाह (नेत्र विशेषज्ञ द्वारा) दी गई थी। वह गेंदबाजी या बल्‍लेबाजी करते समय तो नहीं, मगर सिर्फ फील्डिंग के समय चश्‍मा लगाता है। उसकी आंखें कमजोर नहीं हैं मगर जब वह नई नौकरी के लिए ज्‍वाइन करने गया तो सरकारी मेडिकल टेस्‍ट्स के दौरान उसे ऐसा करने की सलाह दी गई थी। चहल का आयकर कमिश्‍नर पद पर चयन हुआ है और वह इस दौरे (दक्षिण अफ्रीका) से लौटते ही दिल्‍ली में नौकरी ज्‍वाइन कर लेगा।”

वर्तमान टीम में चहल की ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैदान पर चश्‍मा (सनग्‍लासेस नहीं) लगाते हैं। मैदान से बाहर कप्‍तान विराट कोहली और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी भी कभी-कभार चश्‍मा लगाए दिखते हैं। खेल के दौरान कुछ ही खिलाड़ी चश्‍मा लगाए नजर आए हैं। बल्‍लेबाजी के दौरान चश्‍मा लगाने वालों में भारत के वीरेंद्र सहवाग, वेस्‍टइंडीज के दिग्‍गज कप्‍तान क्‍लाइव लॉयड का नाम शामिल है। इसके अलावा एडी बार्लो, एमजेके स्मिथ, वाल्टर हैडली (रिचर्ड हैडली के पिता) और जेफ बायकॉट भी चश्‍मा लगाते रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्‍तान सौरव गांगुली भी मैदान से बाहर चश्‍मा लगाते थे। गेंदबाजी की बात करें तो न्‍यूजीलैंड के दिग्‍गज स्पिनर डेनियल वेटोरी खेलते समय चश्‍मा लगाए रखते थे।

20 फरवरी को जारी आईसीसी वनडे रैंकिंग में युजवेंद्र चहल ने बड़ी छलांग लगाई है। गेंदबाजों की रैंकिंग में चहल 21वें स्थान से ऊपर उठते हुए सातवें पायदान पर पहुंच चुके हैं। जोहान्‍सबर्ग टी20 में भी चहल ने एक विकेट लिया। हालांकि पहले टी20 में भुवनेश्‍वर कुमार ने 5 विकेट लेकर इतिहास रचा। वह क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में 5-5 विकेट लेने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज बन गए हैं।