प्रशंसकों के समर्थन को ध्यान में रखते हुए भारत अपना लगातार दूसरा डेविस कप मुकाबला शाम को खेलेगा। एशिया ओसियाना ग्रुप एक का यह मुकाबला भारत तीन फरवरी से पुणे में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। शुक्रवार को एकल मैच दोपहर बाद तीन बजे शुरू होंगे जबकि इसके अगले दिन युगल मैच शाम छह बजे शुरू करने का कार्यक्रम है। रविवार को होने वाले उलट एकल मैच फिर से तीन बजे से खेले जाएंगे। स्पेन के खिलाफ दिल्ली में सितंबर में विश्व ग्रुप प्लेआफ मुकाबले के दौरान एकल मैच शाम पांच जबकि जबकि युगल मैच सात बजे शुरू हुए थे। समय को लेकर खिलाड़ियों से परामर्श किया गया लेकिन कप्तान आनंद अमृतराज से कोई मशविरा नहीं किया गया क्योंकि एआइटीए तब तक सुनिश्चित नहीं था कि वह उस समय अपने पद पर रहेंगे या नहीं। एआइटीए के महासचिव हिरणमय चटर्जी ने कहा, ‘टूर्नामेंट निदेशक सुंदर अय्यर ने शाम को मैचों के आयोजन का प्रस्ताव रखा था ताकि भारतीय टीम का समर्थन करने के लिए अधिक प्रशंसक स्टेडियम पहुंच सकें। चयनसमिति के अध्यक्ष एसपी मिश्रा ने खिलाड़ियों से भी इस बारे में बात की। हमने आइटीएफ से भी पूछा। तापमान से बहुत अधिक अंतर पैदा नहीं होगा और इसलिए हमने इसे मंजूरी दे दी।’
निवर्तमान कप्तान अमृतराज ने कहा कि मुकाबले के समय को लेकर उनसे परामर्श नहीं किया गया लेकिन इससे मैच के परिणाम पर कोई अंतर नहीं पड़ेगा। अमृतराज ने कहा, ‘फरवरी के महीने में समय से मैच के परिणाम पर बहुत अंतर नहीं पड़ेगा। पुणे में चेन्नई जैसी गर्मी नहीं होगी लेकिन मेरी निजी राय है कि यदि मैं खेल रहा होता तो दिन में खेलना पसंद करता।’ चटर्जी ने कहा कि कुछ मामलों में फैसला करना एआइटीए का अधिकार है।
एआइटीए के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘यदि हम शाम को मैच करवाते हैं तो फिर मुंबई से भी लोग मैच देखने आ सकते हैं और फिर वापस जा सकते हैं। हम चाहते हैं कि जब भारत खेले तो स्टेडियम खचाखच भरा रहे।’ भारतीय कोच जीशान अली ने कहा कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए मैचों को शाम को कराने का विचार अच्छा है। उन्होंने ऊंटी से कहा, ‘पुणे में फरवरी में 11 बजे और तीन बजे के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं पड़ता। यह केवल दो तीन डिग्री अधिक रहता है। उस महीने दिन में खेलने का कोई खास फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए हम शाम को स्टेडियम में अधिक दर्शकों को आने का मौका दे सकते हैं।’
अली ने कहा, ‘पुणे जैसे शहर में यह मायने रखता है। इस शहर में लंबे समय से डेविस कप मुकाबला नहीं हुआ है। शाम को मुकाबला होने पर करीबी शहरों के लोग भी मैच देखने के लिए आ सकते हैं और हमारा समर्थन कर सकते हैं।’ एआइटीएफ ने शाम को मैच करवाने के संदर्भ में खिलाड़ियों को पत्र भेजे थे और उनमें से अधिकतर ने इस पर सहमति जताई।
