भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे क्रिकेट सीरीज इंग्लैंड ने 2-1 से जीत ली है। सीरीज के पहले मैच में हार का सामना करने के बाद इंग्लैंड की टीम ने अपने खेल में गजब का सुधार किया और बाकी के दोनों मैंचों में टीम इंडिया को लगभग एकतरफा तरीके से मात दी। विराट कोहली की कप्तानी में यह पहली द्विपक्षीय सीरीज है, जिसमें भारत की टीम को हार का सामना करना पड़ा है। बहरहाल अब वनडे के बाद भारत को टेस्ट में इंग्लैंड की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। वनडे सीरीज जीत के बाद इंग्लैंड टीम का हौंसला बुलंद होगा, खासकर भारत के स्पिनरों का जिस तरह से इंग्लिश बल्लेबाजों ने सामना किया है, उससे यकीनन उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। बहरहाल भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज से 5 सबक मिले हैं, जिन पर ध्यान देकर ही टीम इंडिया टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन कर सकेगी।
1. स्पिन खेल सकते हैं इंग्लैंड के खिलाड़ीः इंग्लैंड के दौरों पर स्पिन गेंदबाजी हमेशा से ही भारत की ताकत रही है। इस दौरे की टी20 सीरीज में भी भारत की यह ताकत खूब उभरकर सामने आयी। लेकिन वनडे सीरीज में जिस तरह से इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों का सामना किया है, उससे यह बात साफ हो गई है कि इंग्लैंड के खिलाड़ी भी अब अच्छी तरह से स्पिनरों का सामना कर सकते हैं। ऐसे में टेस्ट के दौरान भारतीय स्पिनरों को अपने तरकश में और वैरायटी जोड़नी होगी, ताकि इंग्लैंड पर दबाव बनाया जा सके।
2. बेन स्टोक्स की खराब फॉर्म जारीः टीम से बाहर किए जाने के बाद से ही बेन स्टोक्स अपनी फॉर्म पाने के लिए जूझ रहे हैं। हालिया दौरे में भी बेन स्टोक्स अभी तक लय में नजर नहीं आए हैं, जो कि भारत के लिए राहत की बात हो सकती है। ऐसे में भारत को यदि टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड पर बढ़त हासिल करनी है तो उसे बेन स्टोक्स के बल्ले को खामोश ही रखना होगा।
3. भारतीय गेंदबाजी चिंता का विषयः इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी उभरकर सामने आयी है। भारत के मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने और भुवनेश्वर कुमार की खराब फिटनेस के कारण भारत की गेंदबाजी बुरी तरह से प्रभावित हुई। टीम इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ, जिसमें सिद्धार्थ कौल और शार्दुल ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं, प्रभावित करने में नाकाम रही। ऐसे हालात में इस बात पर नजर रहेगी कि टीम इंडिया टेस्ट सीरीज में अपनी इस कमजोरी से कैसे पार पाती है?
4. जो रुट ने साबित की महारथः सीरीज की शुरुआत में जो रुट की फॉर्म इंग्लैंड के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। खासकर पहले वनडे में जिस तरह से जो रुट स्पिन गेंद पर आउट हुए, उससे उनकी स्पिन खेलने की काबिलियत पर ही सवाल खड़ा हो गया था। लेकिन बाद के 2 मैचों में जो रुट ने लगातार सैंकड़ा ठोककर साबित कर दिया है कि क्यों आधुनिक क्रिकेट के टॉप बल्लेबाजों में उनका शुमार किया जाता है। यकीनन टेस्ट सीरीज में जो रुट भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
5. मिडिल ऑर्डर की नाकामी भारत पर पड़ी भारीः भारतीय टीम इन दिनों अपने ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों पर इस तरह से आश्रित हो गई है कि यदि ऊपरी क्रम चलेगा तो टीम जीतेगी, वरना इनके असफल होने के स्थिति में टीम का प्रदर्शन औसत दर्जे का हो जाता है। लंबे समय बाद वापसी कर रहे सुरेश रैना, हार्दिक पंड्या, एमएस धोनी, केएल राहुल जैसे बल्लेबाज मिडिल ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे, जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर साफ देखा जा सकता है।

