भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे टेस्ट मैच में मेहमान टीम ने जिस तरह तीन दिनों तक दबदबा बनाए रखा है, वह भारतीय सरजमीं पर शायद ही देखने को मिलता है। भारत की 201 रन पर सिमटी पहली पारी और दक्षिण अफ्रीका की 288 रन की विशाल बढ़त ने मैच का पूरा रुख पलट दिया है। इस प्रदर्शन ने दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन को भी हैरान कर दिया।
डेल स्टेन ने कहा कि भारतीय परिस्थितियों में किसी भी विदेशी टीम का लगातार तीन दिन तक इस तरह मैच पर पकड़ जमाए रखना अत्यंत दुर्लभ है। डेल स्टेन ने जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर बातचीत में कहा, ‘यह भारत है, यहां ऐसा कौन कर पाता है? दक्षिण अफ्रीका ने जिस तरह शुरुआत से रणनीति पर अमल किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है।’
मार्को यानसेन का स्पेल बना मैच का टर्निंग पॉइंट
तीसरे दिन का खेल पूरी तरह मार्को यानसेन के नाम रहा। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर भारतीय पारी सिर्फ 201 रन पर ढेर हो गई। मार्को यानसेन ने छह विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी उजागर की। डेल स्टेन ने इस प्रदर्शन को ‘क्लासिक दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजी’ करार दिया। डेल स्टेन ने कहा, ‘यानसेन ने लंबाई और लाइन का शानदार इस्तेमाल किया। भारत में इस तरह लगातार दबाव बनाना आसान नहीं होता।’
गुवाहाटी टेस्ट में भारत की खस्ता हालत के बीच गौतम गंभीर ने दे दिया इस्तीफा? जानें क्या है सच्चाई
डेल स्टेन ने कहा, ‘साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करके अच्छी शुरुआत की, यह फैसला फायदेमंद रहा।’ डेल स्टेन ने कहा, ‘तब से, उन्होंने जो भी कदम उठाए हैं, चाहे बैटिंग एप्लीकेशन हो या बॉलिंग मैनेजमेंट, सब सही रहा है। मेरे हिसाब से, गुवाहाटी के इन हालात में उनकी स्ट्रेटेजी और एग्जीक्यूशन ने भारत की कोशिशों को पीछे छोड़ दिया है।’
फिर बिखरी भारतीय बल्लेबाजी
कोलकाता के ईडन गार्डन में पहला टेस्ट हारने के बाद उम्मीद थी कि भारतीय टीम गुवाहाटी में वापसी करेगी, लेकिन टॉप ऑर्डर से मिडिल ऑर्डर तक कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर खेल नहीं सका। कुछ साझेदारियां बनीं, लेकिन बड़ी पारी खेलने वाला कोई बल्लेबाज सामने नहीं आया। डेल स्टेन ने भारत की थकावट को भी बड़ा कारक बताया।
साउथ अफ्रीका ऐतिहासिक सीरीज जीत के करीब
गुवाहाटी टेस्ट में तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका ने बिना विकेट खोए 26 रन बना लिए थे। उसकी कुल बढ़त 314 रन की हो चुकी है। ओपनर रेयान रिकेलटन और एडेन मार्करम ने सधी हुई शुरुआत करते हुए मैच पर पकड़ और मजबूत की। कोलकाता में पहला टेस्ट मैच पहले ही जीत चुकी साउथ अफ्रीका 2000 में हैंसी क्रोनिए की टीम की जीत के बाद भारत में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने के करीब है।
डेल स्टेन ने कहा, ‘कुछ नर्वस पल भी आए जब गेंद बल्ले के किनारे से निकल गई, लेकिन कुल मिलाकर साउथ अफ्रीका ने अच्छी शुरुआत की। रिकेल्टन ने बुमराह की गेंद पर एक बाउंड्री भी लगाई। बुमराह ने मुश्किल हालात में 30 से ज्यादा ओवर फेंके हैं। यह देखते हुए कि बुमराह 150 ओवर से मैदान पर हैं। उनके और सिराज के लिए दोबारा गेंदबाजी के लिए आना मुश्किल है।’
फॉलोऑन नहीं देने के फैसले की तारीफ की
डेल स्टेन ने कहा, ‘साउथ अफ्रीका इस मैच में साफतौर पर मजबूत स्थिति में है। जब टेम्बा बावुमा मैदान से बाहर गए, तो यह साफ था कि खेल का आखिरी घंटा बल्लेबाजों के लिए मुश्किल होगा।’ डेल स्टेन को यह भी लगता है कि फॉलोऑन नहीं देकर फिर से साउथ अफ्रीका का बल्लेबाजी करने का फैसला सही था।
डेल स्टेन ने कहा, ‘बैटिंग जारी रखने का फैसला सही था। पॉजिटिव रहने, सोच-समझकर रिस्क लेने और अगर कोई विकेट गिरता है, तो उसे होने दें। कल ज्यादा अच्छी कंडीशन में बल्लेबाजी के लिए पूरा दिन मिलेगा, जिससे मौजूदा स्थिति को और बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।’
