भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका की 2-0 की ऐतिहासिक में जीत में ऑलराउंडर मार्को यानसेन ने अहम भूमिका निभाई थी। गुवाहाटी टेस्ट में गेंद से कहर बरपाने के साथ बल्ले से भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहली पारी में 6 समेत 7 विकेट लेने वाले यानसेन ने पहली पारी में 93 रनों की पारी खेली थी। साउथ अफ्रीका के ‘2025 सीरीज के खोज’ ने छह साल पहले 17 साल की उम्र में नेट बॉलर के तौर पर भारतीय टीम खासकर विराट कोहली के सामने अपनी छाप छोड़ी थी।

समय कैसे बदलता है? उछाल से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मार्को अब वनडे सीरीज में कोहली की परीक्षा लेंगे, जिसमें भारत के पूर्व कप्तान के अंतरराष्ट्रीय भविष्य का फैसला हो सकता है। अगर कोहली का 2027 वर्ल्ड कप तक बने रहने की योजना है तो शायद यानसने इस राह में सबसे बड़ी रुकावट हो सकते हैं।

2018 में पहली बार आमने-सामने हुए थे रोहित-कोहली

कोहली और यानसेन का पहली बार जनवरी 2018 में वांडरर्स के ट्रेनिंग एरिना में आमना-सामना हुआ था। सीरीज के आखिरी टेस्ट में भारत के नेट सेशन से एक घंटा पहले एक पिता और उनके जुड़वां बच्चे धूल भरे डगआउट में बैठे दिखे। एक भारतीय पत्रकार को देखकर वे बात करने लगे। पता चला कि दो उभरते हुए पेसरों के पिता कूस जेनसन डेढ़ घंटे ड्राइव करके पोटचेफस्ट्रूम से वांडरर्स पहुंचे थे।

विराट कोहली और रोहित शर्मा को गेंदबाजी करने का सपना

17 साल के दो दुबले-पतले लड़के अपनी उम्र के हिसाब से बहुत लंबे थे। दोनों एक जैसे मैरून ट्रैकपैंट पहने हुए थे। दोनों पिछली रात ज्यादा सोए नहीं थे। दोनों विराट कोहली और रोहित शर्मा को बॉलिंग करने के सपने देख रहे थे। वे अपनी स्कूल टीम के लिए खेलते थे, लेकिन उनमें इंटरनेशनल खिलाड़ियों जैसी क्षमता थी। दोनों में सबसे लंबे मार्को थे और दूसरे नाम डुआन था। पिता एक रग्बी प्लेयर थे, जिन्होंने 38 साल की उम्र में चोट के बाद इसे छोड़ दिया था। अपने बेटों को उनके फ्रेम की वजह से क्रिकेट में धकेल दिया था। फास्ट बॉलिंग चुनना एक आसान विकल्प था। मां एक जानी-मानी नेटबॉल प्लेयर थीं, इसलिए दोनों के डीएनए में स्पोर्ट्स है।

रग्बी एरीना से गेंद लाते रहे यानसेन बंधु

भारतीय टीम के नेट्स पर उनका बड़ा दिन वैसा नहीं था जैसा दोनों भाइयों ने सोचा था। दोपहर तक, मार्को और डुआन फीके लग रहे थे। उस दौरे पर भारत के पास बहुत ज्यादा पेसर थे। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, हार्दिक पंड्या, शार्दुल ठाकुर और नवदीप सैनी के होने से नेट-बॉलर हाथ पर हाथ धरे बैठे थे। यानसेन बंधु बस रग्बी एरीना से गेंद ला रहे थे, जो भारतीय बल्लेबाज मार रहे थे। मार्को ने एक बार मिस-हिट को रोकने की कोशिश की, लेकिन फेल हो गए। कुछ भी उनके हिसाब से नहीं हो रहा था।

यानसेन बंधु हो गए थे उदास

मार्को कुछ देर बाद अपने पिता के पास गए और मुंह बना लिए। पिता ने उन्हें इस अनुभव को महसूस करने के लिए कहते। फिर भी लड़के का मुंह बना हुआ था। जैसे ही भारतीय बल्लेबाज मेन स्टेडियम की ओर बढ़ने लगे वह उदास होकर बैठ गए। अपने हीरो को बॉलिंग करने का मौका चूकने का दुख उनके चेहरे पर दिख रहा था। तभी कोहली ने तय किया कि वह और बैटिंग करना चाहते हैं। सहायक कोच ने नेट बॉलर्स को देखा और चिल्लाया – क्या कोई लेफ्ट-आर्म पेसर है?

“वेल बॉल्ड”

यानसेन बंधु तुरंत डगआउट से बाहर कूद पड़े और कोहली को बॉलिंग करने लगे। मार्को ने दिग्गज बल्लेबाज को कुछ बार बीट किया। कोहली अपना सिर हिलाते और कहते “वेल बॉल्ड”। दोनों और तेज दौड़ते, तेज़ बॉलिंग करते, लेकिन जल्द ही थक गए। जैसे ही कोहली ने अपनी ट्रेनिंग खत्म की, पिता जोर से बोले – “लड़कों, इस दिग्गद खिलाड़ी के साथ एक फोटो ले लो।” टीनएजर्स हिचकिचा रहे थे, लेकिन आखिरकार हिम्मत करके कोहली के पास गए।

जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका

भारतीय सपोर्ट स्टाफ टीम का एक सदस्य ने फोटो लिया। जुड़वा बच्चों में से लंबे भाई ने जर्नलिस्ट को फोटो व्हाट्सएप किया। पिछले हफ्ते गुवाहाटी टेस्ट के बाद प्लेयर ऑफ द मैच मिलने के समय मार्को जितने शर्मीले दिखे थे, उससे भी ज्यादा शर्मीले वह कोहली को बॉलिंग करने का अपना अनुभव साझा करते दिखे थे। उन्होंने कहा, “यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला मौका था।”

भारत के खिलाफ डेब्यू

मार्को ने अपनी काबिलियत को कम आंका था? तीन साल बाद, 2021 में भारत ने फिर से साउथ अफ्रीका का दौरा किया। अब तक मार्को ने तेजी से ऊपर बढ़ गए थे। वह साउथ अफ्रीका की टेस्ट टीम का हिस्सा थे। उन्होंने सेंचुरियन में पहले टेस्ट में डेब्यू किया। कोहली अभी भी कप्तान थे, लेकिन पहले जैसे बैट्समैन नहीं थे। उन्होंने टेस्ट में दो साल से शतक नहीं लगाया था। पहली पारी में, मार्को को कोहली को बॉलिंग करने का मौका नहीं मिला। दूसरी पारी में मार्को ने उस दिग्गज को गेंद की जिसने वांडरर्स नेट पर उन्हें ‘वेल बोल्ड’ कहा था।

मार्को ने कोहली को अपनी पहली ही बॉल पर आउट कर दिया

अजीब इत्तेफाक हुआ कि मार्को ने कोहली को अपनी पहली ही बॉल पर आउट कर दिया। कोहली चिर-परिचित अंदाज में आउट हुए। उन्होंने बाएं हाथ के पेसर की एंगल से आती बॉल पर बल्ला अड़ा दिया और कैच आउट हो गए। उन्होंने टेस्ट में कोहली को दो बार और टी20 में एक बार आउट किया। वनडे में उन्होंने भारतीय दिग्गज को 11 बॉल फेंकी हैं।