अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में गुरुवार (15 जनवरी) को मैदान पर उतरे भारत और अमेरिका के खिलाड़ियों में एक चीज समान थी। सभी खिलाड़ी या तो भारतीय थे या भारतीय मूल के थे। यही कारण था टॉस के बाद भारत का राष्ट्रगान बजा तो ज्यादातर अमेरिकी खिलाड़ियों के माता-पिता हाथ में अमेरिका का झंडा लिए जन गण मन गाते दिखे। यह पल जिम्बाब्वे और नामीबिया में हो रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और दक्षिण एशिया का दबदबा दिखाने के लिए काफी है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में हर तीन क्रिकेटरों में से एक दक्षिण एशिया का है या उसके पूर्वज यहां के हैं। इसमें वे भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी शामिल नहीं हैं, जो तंजानिया जैसे पूर्वी अफ्रीकी देश में रहते हैं। इसमें साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज में बंधुआ मजदूरों के वंशज भी शामिल नहीं हैं।
ये आंकड़े यह बताने के लिए काफी हैं कि अंग्रेजों के खेल पर अब उन लोगों का प्रभुत्व है, जिनपर कभी उनकी हुकूमत चलती थी। टूर्नामेंट में 240 क्रिकेटरों में से 60 भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के हैं। दूसरी टीमों में 32 खिलाड़ी दक्षिण एशियाई मूल के हैं, जिनमें 28 भारत से और दो-दो पाकिस्तान और श्रीलंका से हैं।
U19 World Cup 2026 Points Table
ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसी टीमों में दबदबा
आईसीसी के एसोसिएट देशों की टीमों में भारतीय खिलाड़ी काफी होते थे। अब उनका दबदबा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसी टीमों में भी देखने को मिल रहा है। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय और श्रीलंकाई मूल के दो खिलाड़ी हैं और न्यूजीलैंड में चार। यह ट्रेंड दिखाता है कि वहां की मुख्यधारा के समाज में दक्षिण एशियाई लोग अच्छे से घुलमिल रहे हैे। पहले ऐसा नहीं था। हाल ही में रिटयार हुए ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा ने एक बार कहा था, “मेरे सभी कोच गोरे ऑस्ट्रेलियाई थे, सभी सेलेक्टर गोरे ऑस्ट्रेलियाई थे और वे मुझे या मेरी संस्कृति को सच में नहीं समझते थे।” ख्वाजा पाकिस्तानी मूल के हैं।
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम में केरल मूल का खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के हिस्सा जॉन जेम्स के पिता केरल से न्यू साउथ वेल्स जाकर बस गए। जेम्स ने बताया कि स्कूल से लेकर न्यू साउथ वेल्स की यूथ टीम के साथियों के साथ उन्हें हमेशा ऐसा महसूस हुआ है कि वह ऑस्ट्रेलिया के ही हैं। वह बोलते भी स्थानीय लोगों की तरह हैं। उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ” मैं ऑस्ट्रेलियाई की तरह महसूस करता हूं। यहां पला बढ़ा हूं। मैं घर पर मलायलम बोलता हूं, लेकिन मैं हर तरह से ऑस्ट्रेलियाई हूं क्योंकि मैं ऑस्ट्रेलियाई माहौल में बड़ा हुआ हूं।”
