मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान, टेस्ट बल्लेबाज और मुंबई के शेरिफ रह चुके माधव आप्टे का सोमवार यानी 23 सितंबर 2019 की सुबह निधन हो गया। उनके बेटे वामन आप्टे ने बताया कि उन्होंने आज सुबह 6 बजकर 9 मिनट पर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 86 साल के थे और 5 अक्टूबर को 87 साल के होने वाले थे।

माधव आप्टे ने 1950 के दशक की शुरुआत में भारतीय टीम के लिए सात टेस्ट खेले थे। इसमें उन्होंने 49.27 के औसत से 542 रन बनाए थे। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 163 रन था, जो उन्होंने 19 फरवरी 1953 को वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में बनाया था। उन्होंने 1953 में वेस्टइंडीज के अपने उस दौरे में 460 रन बनाए थे। हालांकि, इस दौरे के बाद फिर कभी उन्हें टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया। उस दौरे पर पॉली उमरीगर भी गए थे। उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में 62.22 के औसत से 560 रन बनाये थे।

माधव आप्टे ने अपने करियर की शुरुआत लेग स्पिनर (गुगली गेंदबाज) के रूप में की थी। उन्होंने जाइल्स एंड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में महज 10 रन खर्च कर 10 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उन्हें सिर्फ एक ओवर ही गेंदबाजी करने का मौका मिला था। इसमें उन्होंने 3 रन दिए थे और विकेट नहीं ले पाए थे।

माधव आप्टे के रणजी ट्रॉफी में डेब्यू की भी कहानी बड़ी रोचक है। 1951 में रणजी ट्रॉफी के मुकाबले चल रहे थे। मुंबई और सौराष्ट्र का मैच होना था। लेकिन मुकाबले से पहले ही मुंबई के ओपनर विजय मर्चेंट चोटिल हो गए। ऐसे में माधव आप्टे को उनकी जगह बतौर ओपनर टीम में जगह मिली। माधव आप्टे ने इस मौके का बखूबी फायदा उठाया और डेब्यू मैच में ही शतक जड़ दिया। माधव आप्टे के प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 67 मैचों में 38.79 के औसत से 3336 रन बनाए थे। इसमें 6 शतक शामिल हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका हाइएस्ट स्कोर 165* रन था। उनके निधन पर क्रिकेटरों समेत बहुत से लोगों ने शोक जताया है।