कर्नाटक के ओपनर बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का शानदार प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी में जारी रहा। वह मंगलवार (6 जनवरी) को अहमदाबाद के गुजरात कॉलेज ग्राउंड में राजस्थान के खिलाफ 91 रन बनाकर आउट हो गए। यह इस सीजन में छह पारियों में पांचवां पचास से ज्यादा का स्कोर था।
26 साल के पडिक्कल अपने पांचवें शतक से चूक गए। उन्हें लेफ्ट-आर्म स्पिनर मानव सुतार ने आउट किया। 34 पारियों में 13 शतक जड़कर पडिक्कल पहले ही शानदार उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। वह सिर्फ महाराष्ट्र के अंकित बावने (99 मैचों में 15) और ऋतुराज गायकवाड़ (57 मैचों में 14) से पीछे हैं। राजस्थान के खिलाफ बेहतरीन पारी के दौरान पडिक्कल ने टूर्नामेंट में एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सिर्फ छह पारियों में 600 से ज्यादा रन ठोक दिए हैं। उन्होंने विजय हजार ट्रॉफी के तीन सत्र में 600 से ज्यादा रन बनाए।
पडिक्कल का शानदार प्रदर्शन
बाएं हाथ के बल्लेबाज पडिक्कल ने 2018 में कर्नाटक के लिए लिस्ट ए में डेब्यू किया और तब से विजय हजारे ट्रॉफी में धूम मचा रखी है। पडिक्कल ने 2019-20 में अपने दूसरे ही सीजन में 11 पारियों में 609 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने 2020-21 सीजन में आठ पारियों में शानदार 737 रन बनाए। इसमें लगातार चार शतक शामिल थे।
तिलक के साथी अमन ने ठोका दोहरा शतक, शमी-आकाशदीप और मुकेश के छुड़ाए छक्के
38 पारियों में 83.62 का औसत
पडिक्कल का लिस्ट ए क्रिकेट में औसत काफी शानदार है। 38 पारियों में 83.62 का औसत है। इस फॉर्मेट में 2000 रन बनाने वाले किसी भी बल्लेबाज का यह सबसे ज्यादा औसत है। शानदार फॉर्म में होने के बावजूद, पडिक्कल को भारत की वनडे टीम में नहीं चुना गया। विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के अलावा, पडिक्कल ने इंडिया ए के लिए सिर्फ दो 50-ओवर के मैच और 2023 में जोनल देवधर ट्रॉफी में तीन पारियां खेली हैं।
डेब्यू के बाद से पडिक्कल के विजय हजारे ट्रॉफी के स्कोर: 58, 2, 60, 8, 44, 79, 103, 102, 50, 92, 11, 52, 97, 152, 126, 145, 101, 64, 4, 0, 71, 117, 70, 93*, 114, 102, 86, 8, 147, 124, 22, 113, 108, 91।
