भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापट्टनम टेस्ट मैच में शतक जड़ अपने 50वें टेस्ट मैच को यादगार बना दिया। विराट कोहली के टेस्ट करियर का यह 14वां शतक था। उनके इस शतक की मदद से भारत ने मैच में लड़खड़ाने के बाद जबरदस्त वापसी कर ली। कोहली का कप्तान के तौर पर यह सातवां टेस्ट शतक है। विराट कोहली ने 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरूआत की थी, जिसमें उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था। इसके बाद 2014 का इंग्लैंड दौरा भी विराट कोहली के लिए किसी दुस्वप्न से कम नहीं था और उनका प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। उसके बाद दिल्ली के इस बल्लेबाज ने आस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी और चार टेस्ट मैचों की इस सीरीज में चार शतक जड़ सबको अपनी बल्लेबाजी प्रतिभा का परिचय दिया। आस्ट्रेलियाई दौरे के बाद कोहली ने श्रीलंका में भी शतक लगाया।
इसके बाद पिछले साल जब साउथ अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर थी उस सीरीज में कोहली का बल्ला खामोश ही रहा और वे कोई बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने 44 और 88 रनों की पारी खेलकर इस सीरीज में खुद को सांत्वना जरूर दी थी। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में उन्होंने अपने क्रिकेट करियर का पहला दोहरा शतक लगाया और इस सीरीज में उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की थी। इसके बाद न्यूजीलैंड के साथ हाल ही में समाप्त हुए घरेलु टेस्ट सीरीज में उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की दूसरी डबल सेंचुरी लगाई और दो दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए।
विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने अब तक चार टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की है और कोई सीरीज नहीं हारा है। जिसमें श्रीलंका, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड की टीमें शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन टीम बना। इंग्लैंड के साथ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के राजकोट में खेले गए पहले मैच में भारत को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन, इस मैच में विराट कोहली ने कप्तान की जिम्मेदारी निभाते दूसरी पारी में आखिरी दिन एक छोर संभाले रखा और भारत को हार से बचाया। उन्होंने दूसरी पारी में 49 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए।
इंग्लैंउ के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेले जा रहे सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लिश तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने और जेम्स एंडरसन ने भारत के दोनों सलामी बल्लेबाजों लोकेश राहुल और मुरली विजय को 22 रन के कुल स्कोर पर चलता कर दिया। विराट कोहली ने एक बार फिर कप्तानी पारी खेलते हुए चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर टीम को संक्ट की स्थिति से बाहर निकाला। पुजारा ने भी कोहली का अच्छा साथ दिया और 119 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। दोनों भारत को स्पिनरों की मददगार पिच पर खराब शुरूआत से उबारकर अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया।
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— BCCI (@BCCI) November 17, 2016

