इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से 31 दिसंबर से पहले 23 मिलियन डॉलर (160 रुपये) चुकाने को कहा है। बीसीसीआई को यह पैसा 31 दिसंबर 2018 से पहले ही देना होगा। साल 2023 वर्ल्ड कप के लिए जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक सभी मैच भारत में होना है, लेकिन इस बड़े आयोजन से पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड को भारत में हुए साल 2016 टी-20 वर्ल्ड कप का पैसा देना होगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने साल 2016 में टी-20 वर्ल्डकप की मेजबानी की थी, इसके तहत बोर्ड को आईसीसी को यह पैसे वर्ल्ड कप पर लगे टैक्स के मुआवजे के रूप में देना होगा। इस वर्ल्डकप के दौरान भारत को केंद्र सरकार और राज्य सरकार से टैक्स छूट नहीं दी गई थी। सिंगापुर में 16 से 19 अक्टूबर के बीच की गई मीटिंग को याद दिलाते हुए आईसीसी ने बीसीसीआई को इस मामले को जल्द से जल्द निपाटने के लिए कहा है।
बता दें कि सिंगापुर में की गई मीटिंग में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर भी शामिल थे। हालांकि, अब बीसीसीआई का संचालन सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) कर रही है। आईसीसी को यह पैसा सीओए को देना होगा। अगर बीसीसीआई यह पैसा देने में नाकाम रहती है तो आईसीसी भारत में होने वाले 2021 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 वर्ल्ड कप का आयोजन कहीं और करा सकती है।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘आईसीसी ने अब तक इस बारे में कोई जानकारी हीं दी है।’ बता दें कि बीसीसीआई का मानना है कि टैक्स छूट न मिलने पर मुआवजे के लिए उन्होंने कभी भी हामी नहीं भरी थी। ऐसे में आईसीसी वर्तमान वित्तीय वर्ष से भारत के राजस्व के हिस्सा में इसकी कटौती करता है तो वह इसके खिलाफ कानून का सहारा लेंगे।


