T20 world cup 2007: पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं। कप्तान के तौर पर उनकी झोली में पहली बड़ी सफलता आज ही के दिन साल 2007 में आई थी। जी हां 12 साल पहले आज ही के दिन भारत ने पाकिस्तान को फ़ाइनल में हरा पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था। ये मैच टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे रोमचक फ़ाइनल मुकाबलों में से एक है।
संकटमोचन गौतम गंभीर –
दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में खेले गए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम की शुरुआत फ़ाइनल में अच्छी नहीं रही और मात्र 25 रन के स्कोर पर भारत ने अपना पहला विकेट युसूफ पठान के रूप में गवा दिया। वहीं पठान के स्थान पर क्रीज़ पर आए रॉबिन उथप्पा भी कुछ खास नहीं कर पाये और 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हालांकि भारतीय खब्बू सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने एक तरफ से बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए एक छोर को संभाले रखा था। गंभीर ने 54 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्के की मदद से 75 रनों की पारी खेली और भारत को 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 157 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
मिस्बाह की तूफानी पर पठान भारी –
जवाब में पाकिस्तान भी कुछ खास नहीं कर पाई और भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें शुरुआती झटके दिये। आरपी सिंह और इरफान पठान की बेहतरीन गेंदबाजी के चलते पाक ने मात्र 77 के स्कोर पर अपने 6 विकेट गवा दिये। लेकिन इसके बाद पाक दिग्गज बल्लेबाज मिस्बाह उल हक़ ने आतिशी बल्लेबाजी करते हुए पाक को मैच में वापसी कराई। मिस्बाह ने हरभजन के एक ओवर में तीन छक्के लगाकर मैच का रुख बादल दिया। इतना ही नहीं अगले ओवर में श्रीसंथ की गेंद पर पाक गेंदबाज सोहील तनवीर ने भी दो छक्के जड़ दिये। मैच पूरी तरह पाकिस्तान के हाथ में था।
धोनी का चक्रव्यूह –
आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा करने आए। पाकिस्तान को 6 गेंदों में 13 रन चाहिए थे और भारत को जीतने के लिए मात्र एक विकेट। स्ट्राइक पर मिस्बाह थे जो बेहद आक्रामक दिखाई दे रहे थे। शर्मा ने पहली गेंद वाइड डाली वहीं दूसरी गेंद पर मिस्बाह ने उन्हें जोरदार छक्का मारा। अब पाकिस्तान को 4 गेंद पर 6 रन चाहिए थे। मैच पूरी तरह पाक के कब्जे में था। लेकिन तभी कप्तान धोनी ने ऐसा चक्रव्यूह रचा जिसके बाद इस भारतीय टीम का नाम इतिहास के पन्नों में लिख गया। शर्मा ने मिस्बाह को फुल लेंथ गेंद डाली, मिस्बाह ने इस गेंद को सामने न खेलकर पीछे शॉर्ट फाइन लेग की तरफ स्कूप किया। वहां कप्तान धोनी ने पहले से ही श्रीसंथ को लगा रखा था। जैसे ही श्रीसंथ ने कैच पकड़ा पूरा देश खुशी से झूम उठा।
This day, in 2⃣0⃣0⃣7⃣#TeamIndia were crowned World T20 Champions pic.twitter.com/o7gUrTF8XN
— BCCI (@BCCI) September 24, 2019
