भारतीय क्रिकेट टीम वर्तमान में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट की सबसे दमदार टीमों में से एक है। बीते दो सालों को भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सुनहरा दौर कहा जा सकता है। इन दो सालों में भारतीय पिचों पर भारतीय टीम को हराने का कारनामा बिरला ही कोई कर सका। भारत की जीत में टीम को लीड करने वाले कप्तान की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी जैसे कप्तानों ने भारतीय क्रिकेट पर अमिट छाप छोड़ी है। गांगुली ने टीम की कमान ऐसे वक्त में संभाली थी, जब टीम अच्छा नहीं कर पा रही थी और दूसरे देशों को हराने में खुद को असमर्थ महसूस करती थी। पूर्व आॅस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क मानते हैं कि वो सौरव गांगुली ही थे, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को निडर और दुनिया की सबसे बड़ी शक्तिशाली टीम बनाया। गांगुली ने टीम में जो एटीट्यूड पैदा किया था, धोनी और उनके बाद विराट कोहली ने उसे कायम रखा है।

दुनिया में हैं सर्वश्रेष्ठ: पत्रकारों से बातचीत करते हुए माइकल क्लार्क ने कहा कि विराट कोहली ने टीम के लिए ऊंचे मानक तय किए हैं। उन्होंने टीम को सामने से लड़कर खेलना सिखाया है। भारतीय टीम ने दुनिया की सभी ​टीमों में खौफ पैदा किया है। ये टीम सिर्फ 1-2 सालों के लिए नहीं है, बल्कि कम से कम 5 से 10 सालों के लिए है। इसका कारण यही है कि उनके कप्तानों ने उनकी नींव बहुत गहरी और मजबूत रखी है। भारत वन-डे खेलने वाली दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक है। उनकी टीम इंग्लैंड की परिस्थितियों में भी उतना ही बेहतर खेल सकती है जितना देश की पिचों पर। टेस्ट और वर्ल्ड कप के विकेट में फर्क होता है। भारतीय टीम बैटिंग विकेट को पसंद करती है। लेकिन अगर वे ठान लें तो उन्हें हराना नामुमकिन-सा हो जाता है।

 

ये हैं भारतीय टीम की ताकत: माइकल क्लार्क ने कहा कि भारतीय टीम मैच जिताऊ खिलाड़ियों से भरी पड़ी है। हालांकि, टीम को कलाइयों का बढ़िया इस्तेमाल करने वाला स्पिनर चाहिए। फिलहाल, भारतीय टीम में दो खिलाड़ी युजवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव पूरी तरह फॉर्म में चल रहे हैं। रोहित शर्मा जैसा ओपनर किसी भी टीम से मैच को छीन सकता है और विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी तो मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर सकते हैं।

जब गांगुली ने पोंटिंग को ट्रोल किया : माइकल क्लार्क से उसे घटना का भी जिक्र किया, जब गांगुली ने आॅस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को ट्रोल किया था। उस दिन गांगुली ने पूरा दुनिया को बता दिया था कि आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अब उन्हें और ज्यादा परेशान नहीं कर सकेंगे। दरअसल, टॉस जीतने के बाद गांगुली ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उस दिन भारतीय टीम ने 500 रनों का पहाड़ आॅस्ट्रेलिया के सामने खड़ा कर दिया था। हमारे कप्तान रिकी पोंटिंग मुंह ताकते रह गए। उस दिन सौरव गांगुली ने पूरी दुनिया को संदेश दिया था कि वे अब दुनिया की किसी भी टीम से नहीं डरते। इस रवैये ने भारतीय टीम में बिना डरे खेलने की हिम्मत पैदा की।

ये हैं टीम का भविष्य : गांगुली के अलावा माइकल क्लार्क ने टी20 में रवि चन्द्रन अश्विन की भी तारीफ की। अश्विन और जडेजा की जोड़ी ने हर बार विरोधी टीम के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया है। वहीं, चहल और कुलदीप की जोड़ी भी अच्छा खेल रही है। तभी से अश्विन ने अपने खेल पर काफी ध्यान देना शुरू कर दिया है। उसे दायें हाथ से लेग स्पिन पर गेंद फेंकना भी सीखा है। ये भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संदेश है।