कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स मंगलवार (22 मई, 2018) को सनराइजर्स हैदराबाद को महत्वपूर्ण क्वालीफायर में हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार फाइनल में पहुंच गई है। इस जीत के हीरो रहे फाफ डु प्लेसिस, जिन्होंने नाबाद 67 रनों की पारी खेली। प्लेसिस को आईपीएल नीलामी में सीएसके ने राइट टू मैच के तहत टीम में बनाए रखा था। इस सीजन में उन्हें बहुत अधिक मैच खेलने के मौके नहीं मिले है। मगर चेन्नई के कप्तान धोनी प्लेसिस के समर्थन में आए और क्वालीफायर-1 में हैदराबाद के खिलाफ खिलाया। इस मौके का फायदा उठाते हुए दक्षिणी अफ्रीकी बल्लेबाज प्लेसिस ने अनुभव के दम पर संवेदनशील मैच में टीम को फाइनल में पहुंचाया। प्लेसिस ने महज 42 गेंदों में बड़ी पारी खेल हैदराबाद द्वारा मिले 140 रनों के लक्ष्य को पांच गेंद पहले ही हासिल कर लिया।
मैच के बाद प्लेसिस की इस दमदार बल्लेबाजी पर धोनी कहते हैं, ‘फाफ की पारी ने साबित कर दिया अनुभव काम आता है। ये इतना आसान नहीं था जब आपने टूर्नामेंट में बहुत अधिक मैच ना खेले हों। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि खेल के साथ दिमाग को भी प्रशिक्षित करने की जरुरत है। यह वही है जहां अनुभव काम आता है। आप टीम के लिए कैसे योगदान दे सकते हैं, फाफ ने शानदार क्रिकेट खेला।’ धोनी ने कहा कि एक अच्छी बात यह थी कि अगर वे हार गए तो भी उन्हें दूसरा मौका मिलेगा।
मैच के बाद कप्तान धोनी ने आगे कहा कि मुझे हमेशा अच्छा लगता है जब हम जीतते हैं। अंक तालिका में चोटी पर रहने की वजह से हमें एक और मौका मिलता है। अगर हम मैच हार गए होते तो हमें दूसरा मौका मिलता। हैदराबाद की गेंदबाजी पर धोनी ने कहा, ‘उन्होंने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। टीम में तेज गेंदबाजों को जगह ज्यादा मिली। भुवी ने अच्छी गेंदबाजी की। राशिद खान ने उनका अच्छा साथ दिया। हमने विकेट गंवाए। मिडिल में हमेशा दो तीन विकेट गिरना आपको दबाव में ला देता है। खास बात यह कि हैदराबाद के पास मिस्ट्री गेंदबाज (राशिद खान) है।’
