भारत ने विशाखापट्टनम टेस्ट में इंग्लैंड को 246 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। 405 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में मैच के पांचवें दिन 158 रन पर सिमट गई। भारतीय स्पिनर्स ने एक बार फिर से अपनी बादशाहत साबित करते हुए दोनों पारियों में इंग्लैंड के कुल 20 में 15 विकेट निकाले। इस मैच में भारतीय टीम के सभी खिलाडि़यों ने योगदान दिया। पहली पारी में जहां कप्तान विराट कोहली(167) और चेतेश्वर पुजारा (119) ने शतक लगाए। वहीं दूसरी पारी में कोहली (81) के अर्धशतक के साथ ही निचले क्रम के बल्लेबाजों ने उपयोगी पारियां खेली। वहीं गेंदबाजी में अश्विन ने पहली पारी में पांच विकेट लिए। वहीं बाकी गेंदबाजों ने भी विकेट निकाले। पहला टेस्ट खेल रहे जयंत यादव को भी चार विकेट मिले। आइए नजर डालते हैं विशाखापट्टनम में भारत की जीत के नायकों पर:
विराट कोहली: भारत की जीत में सबसे बड़ा योगदान कप्तान विराट कोहली का रहा। जिन्होंने इस टेस्ट में कुद 248 रन बनाए। पहली पारी में उनके बल्ले से शतक निकला तो दूसरी पारी में अर्धशतक। ये दोनों पारियां ऐसे समय में आई जब भारतीय सलामी जोड़ी सस्ते में पवैलियन लौट चुकी थी। पहली पारी में उन्होंने चेतेश्वर पुजारा के साथ तीसरे विकेट के लिए 226 रन जोड़े। वहीं दूसरी पारी में जहां अन्य बल्लेबाज रन बनाने के लिए तरस रहे तो कोहली ने 81 रन की पारी खेल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
चेतेश्वर पुजारा: चेतेश्वर पुजारा ने पहली पारी में शतक जड़ कप्तान कोहली के साथ मिलकर भारत की पारी को परवान चढ़ाया। पुजारा का यह लगातार तीन टेस्टों में तीसरा शतक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से पहले पुजारा की टीम में जगह तक तय नहीं थी। लेकिन उस सीरीज के बाद से जबरदस्त फॉर्म में हैं। इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेले गए पहले टेस्ट में भी पुजारा ने सैंकड़ा लगाया था।
मोहम्मद शमी: मोहम्मद शमी ने इस टेस्ट में भले ही तीन विकेट ही निकाले हो। लेकिन यह उनके योगदान की पूरी कहानी बयां नहीं करते। इंग्लैंड की दूसरी पारी में जिस वक्त उन्होंने दो विकेट निकाले थे उस समय मैच में ड्रा का नतीजा भी संभावित था। उन्होंने रिवर्स स्विंग का जबरदस्त नमूना पेश करते हुए खतरनाक जोए रूट और आदिल रशीद के विकेट लिए। इससे पहले पहली पारी में अंग्रेजों के कप्तान एलिस्टेयर कुक को गजब की इनस्विंगर पर वापस भेजा। इस गेंद को इस साल की बेहतरीन गेंदों में से एक गिना जा रहा है। शमी ने बल्ले से भी टीम इंडिया के लिए योगदान दिया।
जयंत यादव: जयंत यादव ने पिछले महीने ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपने पहले ही टेस्ट में जयंत की प्रतिभा सबके सामने आ गई। अश्विन और जडेजा जैसे स्पिनर्स के टीम में होने के बाद भी जयंत की फिरकी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। खुद अश्विन ने भी उनकी तारीफ की। हरियाणा के इस स्पिनर ने भारत की दोनों पारियों में बल्ले से भी अहम योगदान दिया। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में वे भारतीय टीम के अभिन्न अंग बन सकते हैं।
अश्विन और जडेजा: भारतीय पिचों पर अश्विन और जडेजा का सामना करना बहुत मुश्किल काम है। अश्विन ने दूसरे टेस्ट में कुल आठ विकेट लिए। साथ ही पहली पारी में उन्होंने फिफ्टी लगा खुद को भरोसेमंद ऑलराउंडर श्रेणी में ला खड़ा किया है। वहीं जडेजा ने दूसरी पारी में जिस रफ्तार से ओवर डाले उसने मेहमान टीम को परेशान कर दिया। भले ही उनके खाते में इस टेस्ट से केवल 3 विकेट जुड़े हो। लेकिन यह सबने देखा कि जिस तरह से उन्होंने सटीक गेंदबाजी की उसने अश्विन का काम आसान कर दिया। इंग्लैंड की दूसरी पारी में जडेजा ने 34 ओवर डाले और केवल 35 रन दिए। जडेजा के 34 में से 28 ओवर लगातार डाले गए थे। जडेजा और अश्विन की जोड़ी की वजह से ही भारत पिछले एक साल में अपने घर में अजेय बना हुआ है।
