भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले टी-20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं है। ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय टीम धोनी के बिना किसी टी-20 मैच में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। महेंद्र सिंह धोनी ने अपना आखिरी टी-20 मुकाबला इस साल इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीन मैचों की सीरीज में धोनी को सिर्फ एक बार बल्लेबाजी करने का मौका मिला था। इस मैच में धोनी ने नाबाद 32 रनों की पारी खेली थी। धोनी पिछले कुछ समय से बल्ले से रन बनाने में नाकाम रहे हैं, यही वजह है कि उन्हें इंग्लैंड के बाद वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया। धोनी भले ही बल्ले से कोई कमाल नहीं कर सकें हों, लेकिन विकेटकीपिंग में आज भी उनका कोई जवाब नहीं है। धोनी के टीम में नहीं होने से भारतीय टीम को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम के पास युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत और अनुभवी दिनेश कार्तिक का विकल्प मौजूद है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए सीरीज के तीनों ही मैचों में दिनेश कार्तिक विकेटकीपिंग करते नजर आए। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले मुकाबलों में ऋषभ पंत को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। ऋषभ पंत बल्ले से तो कारगार साबित रहे हैं, लेकिन विकेटकीपिंग में उन्होंने अभी तक निराश ही किया है। ऑस्ट्रेलिया में टीम को विकेटकीपिंग में धोनी की कमी खल सकती है। धोनी विकेट के पीछे से ना सिर्फ गेंदबाजों का मार्गदर्शन करते थे, बल्कि कई बार टीम को सही डीआरएस लेने में मदद भी करते रहे हैं।

भारतीय गेंदबाज कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल इस बात को स्वीकार चुके हैं कि बल्लेबाजों को स्टंपिंग और गलत शॉट्स खेलने के पीछे धोनी का बहुत बड़ा हाथ रहता था। धोनी पिच को लेकर अक्सर गेंदबाजों से बातचीत किया करते हैं, जिस वजह से गेंदबाजों को विकेट लेने में आसानी होती रही है। ऐसे में धोनी के टीम में नहीं होने से भारतीय टीम को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।