संदीप भूषण
भारत ने कोलकाता टैस्ट में बांग्लादेश को पारी और 46 रन से हराया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने कई रेकार्ड भी तोड़े। एक तरफ शृंखला में 2-0 से क्लीन स्वीप कर वह पारी के अंतर से लगातार चार टैस्ट जीतने वाला पहला देश बना तो वहीं घरेलू मैदान पर यह उसकी लगातार 12वीं टैस्ट सीरीज जीत है। इससे पहले उसने दक्षिण अफ्रीका को शृंखला के अंतिम दो टैस्ट में पारी के अंतर से हराया था। इतना ही नहीं भारत के नाम लगातार सात टैस्ट जीत भी दर्ज हो गए हैं। इस सफलता में बल्लेबाजों ने तो अपना जौहर दिखाया ही, भारतीय गेंदबाजों का भी प्रदर्शन लाजवाब रहा। खास कर जब बात तेज गेंदबाजों की हो तो आंकड़े भी बताते हैं कि ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव और मोहम्मद शमी ने विपक्षी टीम को खूब परेशान किया है।
भारतीय टीम ने बीते सात टैस्ट में 200 रन से ज्यादा या पारी के अंतर से जीत दर्ज की है। इससे साफ होता है कि बल्लेबाजों ने तो अपना काम किया ही, गेंदबाजों ने भी पूरी ताकत से विपक्षी टीम को लक्ष्य से दूर रखा। बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता टैस्ट में तेज गेंदबाजों ने 19 विकेट चटकाए। यह अब तक का घरेलू मैदान पर तेज गेंदबाजों का सर्वोत्तम प्रदर्शन है। इससे पहले 2017 में भारतीय गेंदबाजों ने ईडन गार्डंस पर ही श्रीलंका के खिलाफ 17 विकेट चटकाए थे। साथ ही यह तीसरी बार है जब भारतीय टीम के तेज गेंदबाजों ने 19 या इससे अधिक विकेट बोर्ड पर टांगे हों। बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद के मुकाबले में ईशांत के नाम नौ, उमेश के खाते में आठ और शमी की झोली में दो विकेट आए। इस टैस्ट में कप्तान विराट कोहली ने भी पेसरों पर ही भरोसा जताया और शर्मा, यादव व शमी की तिकड़ी ने इसे साबित भी किया।
भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार था जब दो तेज गेंदबाजों ने आठ या इससे अधिक विकेट एक टैस्ट में चटकाए हों। ईशांत और उमेश ने यह कारनामा किया। भले ही आलोचक यह कहें कि बांग्लादेश के खिलाफ यह उपलब्धि बड़ी नहीं है लेकिन सच्चाई है कि गुलाबी गेंद ही सही लेकिन इन दोनों की बलखाती गेंदों का सामना करना किसी बड़े टीम के लिए भी मुश्किल था। सिर्फ एक टैस्ट को छोड़ दें तो पिछले लगभग एक साल में भारतीय पेसरों ने दिग्गज टीमों को बैकफुट पर भेजा है। 2019 में खेले गए मुकाबलों में तेज गेंदबाजों का औसत 15.16 रहा है। उनके नाम 95 विकेट भी दर्ज हैं और वह भी 31.06 के स्ट्राइक रेट से।
तेज गेंदबाजों की उपलब्धि को इतने तक ही सीमित नहीं किया जा सकता। भारत के तीन तेज गेंदबाजों का इस साल औसत 20 से नीचे रहा। यानी उनकी गेंदबाजी को हर पैमाने पर खरा माना जा सकता है। हमेशा चौथे नंबर पर धकेले जाने वाले उमेश यादव ने तो कमाल ही कर दिया। उन्होंने 2019 में 13.65 के औसत के साथ 23 विकेट हासिल किए। ईशांत ने 15.56 के औसत के साथ 25 विकेट चटकाए वहीं शमी के नाम 16.66 के औसत से 33 विकेट दर्ज हुए। इन तीनों की जोड़ी ने भारतीय क्रिकेट के रेकार्डबुक में यह शानदार उपलब्धि दर्ज कराई है। इससे पहले सिर्फ एक बार ही ऐसा हुआ जब एक ही टीम के तीन तेज गेंदबाजों का औसत एक साल में 20 से नीचे हो। 1978 में इयान बॉथम, बॉब विलिस और क्रिस ओल्ड ने इंग्लैंड के लिए यह कारनामा किया था।
बेहतर हो रहा औसत
बांग्लादेश के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों का औसत 13.48 रहा। यह भारतीय तेज गेंदबाजों का अब तक का दो या दो से ज्यादा मैचों के घरेलू टैस्ट सीरीज में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। उमेश, शमी और ईशांत की जोड़ी ने 26.3 के औसत से कुल 33 विकेट चटाकए और यह आंकड़ा खुद में काफी है यह बताने के लिए कि भारतीय तेज गेंदबाजी आज सही दिशा में है। उसके गेंदबाज किसी भी दिग्गज टीम को रोकने की ताकत रखते हैं।

