Dinesh Karthik axed from west Indies tour: बीसीसीआई ने वेस्टइंडीज दौर के लिए रविवार को भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक के करियर का लगभग अंत हो चुका है। दो साल पहले निदहास ट्रॉफी के फ़ाइनल मुक़ाबले में आतिशी बल्लेबाजी कर भारतीय टीम में एक नई पहचान बनाने कार्तिक के करियर पर पूर्णविराम लगता दिखाई दे रहा है। इस सीरीज से विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के बाहर होने के बाद ऐसा माना जा रहा था की पंत के साथ-साथ कार्तिक को भी मौका मिलेगा। लेकिन चयनकर्ताओं ने ऐसा नहीं किया और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
कार्तिक को भारतीय वर्ल्ड कप टीम में चुना गया था। लेकिन उन्हें खुद को साबित करने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिले। उन्होंने वर्ल्ड कप में सिर्फ 3 मैच खेलने का मौका मिला। लेकिन वे उनमें कुछ खास नहीं कर पाए। तीन मैच में से दो में कार्तिक को बल्लेबाजी करने का मौका मिला। उन्होंने दो पारियों में 7 के औसत से 14 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइकरेट 41.18 का रहा, जिसमें सिर्फ 2 चौके शामिल थे। कार्तिक से ज्यादा मौके केदार जाधव को दिए गए थे। जाधव ने भी वर्ल्ड कप में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था। लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें विंडीज दौरे के लिए टीम में बनाए रखा है।
कार्तिक को बाहर करने के पीछे की वजह उनकी उम्र हो सकती है। हालांकि चयनकर्ताओं ने इस बारे में खुलकर कुछ नहीं बोला है। कार्तिक 34 साल के हो चुके हैं ऐसे में चयनकर्ता चाहते हैं की ऋषभ पंत जैसे युवा विकेटकीपर को ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने का मौका मिले। मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने साफ कर दिया कि ऋषभ पंत अब तीनों फॉर्मेट में भारत के मुख्य विकेटकीपर के रूप में खेलेंगे।
हालांकि टेस्ट क्रिकेट में रिद्धिमान साहा को फिर से मौका दिया गया है। साहा की उम्र भी लगभग कार्तिक के बराबर ही है। साहा को चुनते हुए मुख्य चयनकर्ता ने कहा कि अगर कोई सीनियर खिलाड़ी चोट के बाद वापस आता है तो उसे प्राथमिकता मिलेगी।

